-कोरोना संकट ( Coronavirus ) के चलते उपजे आर्थिक हालातों से निपटने के लिए सरकार की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। -उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ( Industry Minister Piyush Goyal ) ने गुरुवार को कहा कि देश में उद्योगों को गति देने के लिए भूमि बैंक ( Bhumi Bank ) शुरुआत होगी। -इसके तहत 5,00,000 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय भूमि बैंक पोर्टल ( Bhumi Bank Portal ) तैयार करने की योजना बना रहा है।
नई दिल्ली।
कोरोना संकट ( coronavirus ) के चलते उपजे आर्थिक हालातों से निपटने के लिए सरकार की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ( Industry Minister Piyush Goyal ) ने गुरुवार को कहा कि देश में उद्योगों को गति देने के लिए भूमि बैंक ( Bhumi Bank ) शुरुआत होगी। इसके तहत 5,00,000 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की गई है।
उन्होंने बताया कि मंत्रालय भूमि बैंक पोर्टल ( Bhumi Bank Portal ) तैयार करने की योजना बना रहा है। जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन ( Online Land Purchase ) के जरिए जमीन खरीद सकेगा। इस पोर्टल को Google Earth Map के साथ जोड़ा जाएगा। जिससे व्यक्ति उस जमीन को भूखंड को देख सकता है। ऐसे इंडस्ट्रियल प्लॉट पूरे देश में उपलब्ध हैं। बता दें कि उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित वेबिनार में पीयूष गोयल इस बात की जानकारी दी।
जल्द होगा लॉन्च
उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, जल्दी ही ऑनलाइन भूमि बैंक की शुरुआत होगी। इसके लिए राज्यों में जमीन उपलब्ध है। अब तक 6 राज्यों ने आंकड़े साझा किए हैं, जिसमें करीब 5,00,000 हेक्टेयर जमीन की पहचान की है, जो उद्योग के लिए है। इसीलिए जमीन को लेकर किसी प्रकार की चिंता बेकार है। पूरे देश में अलग-अलग उद्योगों के लिये पर्याप्त जमीन है। इसके अलावा मंत्रालय देश के विभिन्न भागों में उद्योग केंद्रित संकुल तैयार करने की योजना बना रहा है। श्रम कानूनों के बारे में गोयल ने कहा कि 16-17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र को प्रस्ताव भेजे हैं और श्रम मंत्रालय उन सिफारिशों को देख रहा है।
गोयल के मुताबिक CII, Ficci और एसोचैम के प्रमुखों को गड़बडी को उजगार करने वालों की भूमिका निभानी है. निर्यात और आयात के आंकड़ों से व्यापार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. देश का निर्यात और आयात पिछले साल के स्तर के करीब 88 प्रतिशत 75 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है। श्रम मंत्रालय ने उनके विचारों को व्यवस्थित करने का प्रयास कर रहा है ताकि राज्य श्रम कानून परिवेश को लागू करने की पेशकश कर सकें जिसे लागू करना आसान होगा। इसमें श्रमिकों के हितों का ध्यान रखा जाएगा, साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि उद्योग को इन कानूनों को लागू करने में कठिनाई नहीं हो।