
नई दिल्ली। कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) ने सबसे ज्यादा नुकसान ट्रक मालिकों को पहुंचाया है। लॉकडाउन खत्म हुआ तो पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा ( Petrol And Diesel Prices Hiked ) हो गया। ट्रक चालकों का सिरदर्द सबसे ज्यादा डीजल की कीमतों ( Diesel Price Hike ) ने बढ़ाया है। वहीं गुरुग्रुग्राम के नए स्टार्टअप व्हील्सआई की ओर से 'अपना पंप' ( Apna Pump ) नाम की एक सेवा की शुरूआत की गई है, जो ट्रक चालकों को भरोासेमंद पेट्रोल पंप ( Faithfull Petrol Pump ) का पता बताती है। जहां से वो क्वालिटी वाला डीजल खरीद सकते हैं। साथ ही एक फीसदी का कैशबैक भी ले पाएंगे। आइए आपको भी बताते हैं कि इस सेवा के बारे में...
सेवा से जुड़ चुके हैं देश के 750 पंप
व्हील्सआई के स्पोक्सपर्सन विपुल खन्ना के अनुसार कोरोना के दौर में ट्रक मालिकों की हालत पर काफी बुरा असर देखने को मिला है। वहीं डीजल की कीमतों ने भी उनकी लागत में इजाफा देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने ऐसी सेवा की शुरूआत की है तो जिससे क्वालिटी डीजल मिलने के साथ महीने में एक तय समय पर एक फीसदी का कैशबैक भी दिया जाएगा। यानी देश के 750 पेट्रोल पंपों से कंपनी जुड़ी हुई है। अगर ट्रक मालिक उन्हीं से डीजल भरवाते हैं तो महीने की पहली तारीख को एक फीसदी कैशबैक जमा करा दिया जाएगा।
इन कंपनियों से मिलाया है हाथ
व्हील्सआई कंपनी की ओर से अपने इस प्रोजेक्ट के लिए एचपीसीएल, बीपीसीएल और रिलायंस से हाथ मिला लिया है। इन तीनों कंपनियों के करीब 750 पेट्रोल पंप ही जुड़े हैं। जो ट्रक मालिक इस सेवा का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें इस सेवा से जुड़े पेट्रोल पंपों की लिस्ट दी जाती है।ट्रक का ड्राइवर उस पंप पर जा कर डीजल भरवाता और पर्ची बनवाते समय अपना कोड बता ता है। इस वजह से उनकी सूचना कंपनी के सेंट्रल सर्वर में पहुंच जाती हैै, ताकि अगले की महीने कह पहली तारीख को कैश बैक दे दिया जाए।
जानिए एक ट्रक पर सालाना बचत कितनी
देश में महीने में 25 दिन औसनत एक ट्रक 3000 किलोमीटर का सफर तय करता है। वहीं एक लीटर डीजल पर ट्रक 3 किलोमीटर सफर कर पाता है। यानी महीने में उसे 1000 रुपए का डीजल भरवाना पड़ेगा। वहीं एक साल में 12 हजार लीटर डीजल एक ट्रक में यूज होगा। देश में मौजूदा समय में डीजल की औसतन कीमत 80 रुपए लगाई जाए तो सालाना उसे 10 लाख रुपए खर्च करने होंगे। इस पर एक फीसदी का कैशबैक देखा जाए तो 10 हजार रुपए की बचत होगी ही।