अर्थव्‍यवस्‍था

बंद होने की कगार पर Nano, नहीं बिक रही रतन टाटा के सपनों की कार

रतन टाटा ने मिडिल क्लास को न सिर्फ कार का सपना दिखाया था बल्कि उनके लिए सबसे सस्ती कार भी लेकर आये थे। और वो कार थी नैनो लेकिन अब नैनो सिर्फ लोगो के सपनों में ही रहने वाली कार बन जायेगी।
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बंद होने जा रही है भारत की सबसे सस्ती कार ?

नई दिल्ली। रतन टाटा ने मिडिल क्लास को न सिर्फ कार का सपना दिखाया था बल्कि उनके लिए सबसे सस्ती कार भी लेकर आये थे। और वो कार थी नैनो लेकिन अब नैनो सिर्फ लोगो के सपनों में ही रहने वाली कार बन जायेगी। हम ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि जून में टाटा ने केवल एक नैनो कार बनाई है। बंद होने की कगार पर चल रही है नैनो।


2009 में आई थी नैनो

नैनो को साल 2009 में लाया गया था। इस कार को लाने का मकसद न सिर्फ मिडील क्लास के कार के सपने को पूरा करना था। बल्कि ये कार टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा का ड्रीम प्रोजेक्ट थी। शुरूआत में तो जैसे इस कार के आने से तहलका मच गया था। लोगो ने इस कार को बेहद पंसद किया था। लोगो ने इस कार को जम कर खरीदा। 2015 में इसका अपडेटेड GenXभी लाया गया। इस अपडेटेड वर्जन में काफी बदलाव किये गये जैसे की ऑटोमेटिक मैनुअल ट्रांसमिशन फीचर लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ ये लोगो को लुभाने में पूरी तरह से नाकाम रही। फिर इस कार की ब्रिकी ठप पड़ गई।


हर साल कम हुई नैनो कि ब्रिकी

हाल ही में आई एक रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल अप्रैल से दिसंबर के बीच नैनो के निर्यात में 75 फीसदी की गिरावट रही है। इस दौरान केवल 1708 कारें ही निर्यात की गई जबकि एक साल पहले यानी 2016 में यह आंकड़ा 6714 कार था। जनवरी 2018 के बाद से एक भी कार विदेश नहीं भेजी गई है। नैनो की अब तक की सबसे अच्छी सेल 2012 में दर्ज की गई थी। इस साल कंपनी ने सबसे ज्यादा 74,524 यूनिट्स बेची थी। इसके बाद नैनो की सेल में लगातार गिरावट देखी गई।

बंद हो सकती है नैनो

जून में केवल एक नैनो कार बनाये जाने से लग तो ऐसा रहा है की जल्द ही टाटा मोटर्स नैनो को बंद कर सकता हैं। लेकिन इस पर टाटा मोटर्स का कहाना है कि नैनो का उत्पादन बंद करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है।

Updated on:
05 Jul 2018 05:56 pm
Published on:
05 Jul 2018 09:46 am