मूडीज ने जीडीपी अनुमान घटाकर 5.8 फीसदी घटाकर 5.6 फीसदी की क्रेडिट एजेंसियां लगातार भारत के जीडीपी अनुमान को कर रही हैं कम एजेंसी ने कहा, 2020-21 और 2021-22 में आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी
नई दिल्ली।केंद्र सरकार आर्थिक मोर्चे पर लगातार घिरती हुई दिखाई दे रही है। अब मूडीज ने भारत सरकार को बड़ा झटका देते हुए वित्त वर्ष 2019-20 की जीडीपी की दर को कम कर दिया है। मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 5.8 फीसदी से घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया है। आपको बता दें कि बीते कुछ महीनों से आर्थिक एजेंसियां भारत की आर्थिक दर को कम कर रही हैं। वर्ष 2018 के मध्य से देश की आर्थिक वृद्घि में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
दो साल देखने को मिलेगी हल्की तेजी
क्रेडिट रेटिंग और शोध सेवा सेवा प्रदाता कंपनी मूडीज ने देश की आर्थक वृद्घि के अनुमान को कम कर 5.6 फीसदी कर दिया है। खास बात तो ये है कि 2018-19 में यह दर 7.4 फीसदी थी। वहीं दूसरी ओर मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने यह भी जानकारी दी है कि 2020-21 और 2021-22 में भारत की आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी। जिसकी वजह से दोनों वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्घि दर क्रमश: 6.6 फीसदी और 6.7 फीसदी रहने अनुमान है।
लगातार कम हो रही है जीडीपी
मूडीज के अनुसार भारत की आर्थिक वृद्घि दर लगातार कम होती जा रही है। इसकी शुरुआत 2018 के मध्य से देखने को मिलनी शुरू हो गई थी। 2019 की दूसरी तिमाही में जीडीपी 8 फीसदी से 5 फीसदी पर आ चुकी है, जो कभी 8 फीसदी हुआ करती थी। बेरोजगारी दर में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। वहीं मूडीज ने यह भी कहा कि निवेश में भी काफी कटौती देखने को मिली है।