
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) थमने का नाम नहीं ले रही है। दुनिया के ज्यादातर देशों में रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं। इस बीमारी से बचने के लिए भारत समेत दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) किया गया। जिसकी वजह से दुनियाभर के लोगों को नौकरी गंवानी पड़ी। अगर बात भारत की करें तो लॉकडाउन के कारण अब तक देश में एक करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरी जा चुकी है। सबसे ज्यादा टूरिज्म ( Tourism ), ट्रेवल ( Travel ), हॉस्पिटैलिटी ( Hospitality ), ऑटोमोबाइल ( Automobile ), एविएशन सेक्टर ( Aviation Sector ) में नौकरी गई है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर किस तरह के आंकड़े सामने आए हैं।
एक करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरी गई
ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत में 25 मार्च से लॉकडाउन की शुरूआत हुई थी। जिसके बाद से अब तक देश में 1,07,80,000 लोगों की नौकरी चली गई है। सबसे ज्यादा नुकसान टूरिज्म, ट्रेवल, हॉस्पिटैलिटी, ऑटोमोबाइल, एविएशन, ट्रांसपोर्ट, रिटेल, आईटी और स्टार्टअप्स सेक्टर में काम करने वाले लोगों को हुआ है। अगर बात 2007 से लेकर 2009 के बीच की मंदी की बात करें तो भारत में 50 लाख लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था।
ट्रैवल एंड टूरिज्म को सबसे ज्यादा नुकसान
- कोरोना महामारी की सबसे ज्यादा नुकसान ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर का हुआ।
- सेक्टर में अब तक 55 लाख लोगों की नौकरी जा चुकी हैं।
- इसमें भी सबसे ज्यादा नुकसान ट्रैवल एजेंट्स और टूर गाइड्स का हुआ।
- इंडस्ट्री में करीब 2 करोड़ लोग काम करते हैं।
- होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में एक लाख लोगों की नौकरी जाने का था अनुमान।
- होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में 38 लाख लोग नौकरियां गंवा चुके हैं।
इन सेक्टर्स में इतनी गईं नौकरियांं
- ऑटोमोबाइल और ट्रांसपोट सेक्टर में 10 लाख लोगों की नौकरियां गई हैं।
- रिटेल सेक्टर में 2 लाख लोगों को अपनी जॉब गंवानी पड़ी है।
- आईटी सेक्टर में 1.5 लाख लोगों की नौकरी चली गई हैं।
- स्टार्टअप सेक्टर में एक लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं।
अभी और जा सकती हैं नौकरियां
जानकारों की मानें तो देश में अभी भी कुछ राज्यों में लॉकडाउन की स्थिति है। वहीं कंपनियों को घाटा होने के कारण नई हायरिंग की जगह नए तरीके से लेऑफ करने का प्लान बना रही हैं। इसका मतलब ये है कि आने वाले दिनों में नौकरियों से और ज्यादा लोगों को निकाला जा सकता है। जानकारों के अनुसार अभी 3 से 4 महीने तक यही स्थिति बने रहने के आसार हैं। भविष्य में भी लॉकडाउन को पूरी तरह हटाने के बाद ही छंटनी पर अंकुश लगाए जाने की संभावना है।