
नई दिल्ली। आपको अक्सर अपने फेवरेट फल और फूल के पौधे के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। उसके बाद भी कई बार आपको वो पौधा नहीं नसीब नहीं होता है। अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने पौधों की नर्सरी को ऑनलाइन कर लिया है। जिसके बाद आपको अपने घर के नजदीक फल और फूलों के पौधे आराम से मिल सकेंगे। सरकार का यह फैसला उन लोगों के लिए काफी राहत भरा है जो बागवानी करने का शौक रखते हैं। साथ ही जो पौधों की नर्सरी का बिजनेस करते हैं।
नेशनल नर्सरी पोर्टल की हुई शुरुआत
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल का शुभारंभ किया, जिससे बागवानी से जुड़े किसानों को मदद मिलेगी। बागवानी के क्षेत्र में संभावनाओं का जिक्र करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से देश के युवा बड़े उद्यमी बनकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।
इकोनाॅमी को होगा फायदा
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में बागवानी का क्षेत्र संभावित कृषि उद्यम के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि पोषण सुरक्षा, गरीबी उन्मूलन व रोजगार सृजन कार्यक्रमों में बागवानी भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। बागवानी का क्षेत्र न केवल फसल विविधीकरण के लिए किसानों को कई प्रकार के विकल्प प्रदान करता है, बल्कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने सहायक है। साथ ही, इस क्षेत्र में रोजगार के भी काफी अवसर हैं।
पोर्टल पर मिलेगी सभी तरह की जानकारी
तोमर ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने नर्सरियों के लिए 'ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफार्म' स्थापित किया है, ताकि किसान/उत्पादक और अन्य हितधारक अपने आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध क्वॉलिटी प्लांटिंग मटेरियल की उपलब्धता की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। इस पोर्टल के माध्यम से, नर्सरियों के संचालक अपनी प्रोफाइल प्रदर्शित कर सकेंगे और बिक्री ऑफर डाल सकेंगे।
ऑफर भी रहेंगे उपलब्ध
प्लांटिंग मटेरियल के खरीदार भी सीधे ऑनलाइन पूछताछ कर सकेंगे और अपनी जरूरत से मिलते-जुलते बिक्री ऑफर देख पाएंगे। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड द्वारा विकसित इस नए राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल से खरीदारों को नर्सरियों तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी और वे क्वालिटी प्लांटिंग मटेरियल की उपलब्धता, कीमत आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। कार्यक्रम में कृषि राज्यमंत्री परषोत्तम रूपाला और कैलाश चौधरी भी मौजूद थे।