PM Modi to Meet Economists: आज पीएम मोदी अर्थशास्त्रियों, मंत्रियों, अधिकारियों और तमाम उद्योगपतियों के साथ चर्चा कर रहे हैं। देश की जीडीपी ( GDP ) और रोजगार सृजन को लेकर मंथन किया जा रहा है।
नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) की पिछली सरकार रोजगार को लेकर निशाने पर रही थी। वहीं नई सरकार आने के बाद जो जीडीपी ( GDP ) के आंकड़े सामने आए उससे खुद पीएम मोदी ( PM Modi) भी परेशान हो गए। इन दोनों ही परेशानियों का हल निकालने के लिए पीएम मोदी आज अर्थशास्त्रियों से बातचीत कर रहे हैं, जिसमें दोनों मुद्दों के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करने के बारे में वितार किया जा रहा है। आपको बता दें कि इस बैठक का आयोजन कराने में नीति आयोग की अहम भूमिका मानी जा रही है। नीति आयोग के अधिकारी भी बैठक में शामिल हैं। साथ ही विभिन्न मंत्री, क्षेत्र विशेषज्ञ और उद्योगपति भी इस मीटिंग में हिस्सा ले रहे हैं। आपको बता दें कि बजट से पहले इस मीटिंग को काफी अहम माना जा रहा है।
मोदी सरकार बेराजगारी का कलंक
मोदी सरकार पर बेरोजगारी पर ध्यान ना देने का कलंक लगा हुआ है। वैसे सरकार अपने पहले कार्यकाल में मुद्रा योजना और तमाम बातों से सफाई दे चुकी है। लेकिन युवाओं को अब भी लगता है कि सरकार की ओर से रोजगार को लेकर कोई खास कदम नहीं उठाएं हैं। हाल ही में सरकार की ओर से जो आंकड़े जारी हुए हैं उसमें साफ कहा गया है कि 2017-18 में बेरोजगारी 45 साल के उच्च स्तर 6.1 फीसदी पर पहुंची। वित्त वर्ष 2018-19 में आर्थिक वृद्धि दर (2011-12 की कीमतों पर) भी पांच साल के न्यूनतम स्तर 6.8 प्रतिशत रही. इससे पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में यह 7.2 फीसदी थी।
जीडीपी में भी आई थी कमी
वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े थे। जिसमें देश की जीडीपी 6 फीसदी से नीचे आ गई थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन की वजह से 2018-19 की चौथी तिमाही में देश की जीडीपी दर 5.8 फीसदी हो गई थी जो पांच सालों का न्यूनतम स्तर था। जिसके बाद भारत आर्थिक वृद्धि दर के मामले में चीन से पिछड़ गया था।
इसलिए भी अहम है यह बैठक
वहीं दूसरी ओर इस बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्यों कि 5 जुलाई को बजट है। बजट आने से पहले पीएम मोदी विपक्ष के लिए विरोध का कोई सुराग नहीं छोडऩा चाहते हैं। ऐसे में पीएम मोदी चाहते हैं कि इस नए कार्यकाल का बजट ऐसा हो जो देश की जीडीपी को आगे ले जाने वाले के साथ रोजगार भी पैदा करे। साथ ही देश के राजकोषीय घाटे को कम से कम किया जा सके।
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