40 बीघा जमीन को भैय्यूजी महाराज के नाम कर दिया गया तो उन्होंने बड़ी दरियादिली दिखाते हुए उन्होंने उस जमीन को बेचकर किसानों के हितों में लगा दिया।
नर्इ दिल्ली। मध्यप्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री आैर आध्यत्मिक गुरु भैय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। वैसे उनके बारे में ज्यादा बताने की कोर्इ जरुरत नहीं। उनके बारे सभी लोग जानते हैं। लेकिन हम आपको बताने जा रहा हैं कि शायद ही आपको पता हो। जब पत्रिका बिजनेस ने उनके बारे में जानने का प्रयास किया तो एक चीज जो चौंकाने वाली सामने आर्इ। क्योंकि आज तक किसी भी आध्यात्मिक संत ने इस तरह का कोर्इ काम नहीं किया होगा। आइए आपको भी उनके बारे में बताते हैं।
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40 बीघा जमीन के मालिक थे भैय्यूजी महाराज
आध्यात्मिकद गुरु आैर एमपी सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री भैय्यूजी महाराज का परिवार काफी संपत्ति का मालिक था। वो खुद 40 बीघा जमीन के मालिक थे। जानकारों की मानें शुजालपुर और अख्तियारपुर में भय्यूजी महाराज जमींदार परिवार से थे। उनके पूर्वजों के पास सैकड़ों बीघा जमीन हुआ करती थी। पिता के पास 2014 तक 500 बीघा जमीन थी, जो बाद में 40 बीघा रह गई। जिसे उनके पिता के मरने के बाद भय्यू महाराज के नाम हो गर्इ थी। जिसकी कीमत भी करोड़ों रुपयों की थी।
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जब किसानों के हितों के लिए बेच दी जमीन
जब उस 40 बीघा जमीन को भैय्यूजी महाराज के नाम कर दिया गया तो उन्होंने बड़ी दरियादिली दिखाते हुए उन्होंने उस जमीन को बेचकर किसानों के हितों में लगा दिया। जानकारों की मानें तो उसके बाद उन्होंने अपने जीवन में कोर्इ जमीन नहीं खरीदी। ताज्जुब की बात तो ये है कि आज तक किसी आध्यात्मिक संत या गुरु ने इस तरह की दरियादिली नहीं दिखार्इ। अपको बता दें कि वो अपने निजी जीवन में काफी अच्छे से रहते थे। राॅलेक्स् की घड़ी पहनने के अलावा वो मर्ससडीज की गाड़ी में सफर करते थे।
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