अर्थव्‍यवस्‍था

चीन ने दिए ट्रेड वॉर खत्म होने के संकेत, अमरीका के कुछ सामानों पर लगाए टैरिफ रद

चीन ने 15 दिसंबर से अमरीका सामानों पर लगाए गए 10 व 5 फीसदी टैरिफ किए रद अमरीका में उत्पादित ऑटोमोबाइल एवं पाट्र्स पर अतिरिक्त शुल्कों का निलंबन रहेगा जारी

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Dec 16, 2019
Tariffs imposed on certain goods imported from America canceled, China

नई दिल्ली। अमरीका और चीन के बीच व्यापार युद्घ( Trade War between USA and China ) को खत्म करने के उपायों का असर अब दिखाई देने लगा है। पहले चीन इसकी शुरुआत कर दी है। चीन ने कुछ अमरीकी सामान ( american goods ) पर लगाए जाने वाले पांच और दस फीसदी आयात शुल्क ( import duty ) को हटाने के आदेश दे दिए हैं। वहीं पहले से दी जा रही राहतों को बरकरार रखा है। ऐसे में अब जल्द ही अमरीका की ओर से भी बड़े आदेश होने की उम्मीद की जा रही है। अगर दुनिया की दोनों बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के बीच ट्रेड वॉर खत्म होता है तो वैश्विक आर्थिक मंदी ( Global Economic Slowdown ) से जूझने में आसानी होगी। साथ दुनिया की छोटी और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को भी फायदा होगा।

खत्म किए सामानों पर टैरिफ
चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक और व्यापार के मुद्दों पर परामर्श के परिणामों को लागू करने के लिए चीनी राज्य परिषद के सीमा शुल्क टैरिफ आयोग ने फैसला किया है कि 15 दिसंबर से अमरीका से आयातित कुछ सामानों पर लगाए जाने वाले 10 फीसदी व 5 फीसदी टैरिफ रद्द किया जाएगा। इसके साथ अमरीका में उत्पादित ऑटोमोबाइल और भागों पर अतिरिक्त शुल्कों का निलंबन जारी रहेगा। लेकिन इसके अलावा टैरिफ लगाने वाले अन्य कदम जारी रहेंगे। चीन चाहता है कि अमेरिका के साथ समानता और आपसी सम्मान के आधार पर एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं को ठीक से हल कर सकें और चीन-अमरीका आर्थिक और व्यापार संबंधों के स्थिर विकास को बढ़ावा दे सकें।

बीते दो सालों से चल रही है कशमकश
अमरीका और चीन के बीच ट्रेड वॉर दो सालों से चल रही है। जिसका दोनों देशों की विकास दर पर दिखाई दे रही है। चीन और अमरीका के आंकड़े संतोषजनक नहीं है। जो वल्र्ड इकोनॉमी के लिए भी अच्छे संकेत नहीं है। वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम से लेकर आईएमएफ और तमाम आर्थिक एजेंसियां इस बात को कह चुकी है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को खराब करने में सबसे ज्यादा जिम्मेदार ट्रेड वॉर है। जिसके बारे में दोनों आर्थिक महाशक्तियों को सोचना चाहिए। बीते कुछ समय से दोनों देशों के बीच जारी है। ऐसा लग रहा है कि आने वाले दिनों में दोनों महाशक्तियों के बीच पूरी तरह से समझौता हो जाएगा।

Published on:
16 Dec 2019 09:13 am
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