
नई दिल्ली। जहां एक ओर एअर इंडिया के कर्मचारी ( Air India Employees ) बिना वेतन के अवकाश ( Leave Without Pay ) पर भेजने की पॉलिसी का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एअर इंडिया ने नए लोगों की वैकेंसी ( Air India Vacancy ) के लिए एडवरटीजमेंट निकाल दिया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ( Air India Express ) ने फाइनेंस और हेल्थ सर्विस डिपार्टमेंट ( Finance and Health Service Department ) में नौकरी के लिए एक विज्ञापन निकाला है। जानकारों की मानें तो सामान्य सिद्धांत के अनुसार यदि कोई कंपनी कर्मचारियों को निकालती है और बिना वेतन के लंबी छुट्टी पर भेजती है तो नई वैकैंसी नहीं निकाल सकती है।
एअर इंडिया ने निकाली वैकेंसी
एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार एक निश्चित अवधि के कांट्रैक्ट के आधार पर पदों के लिए भारतीय नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। पहला चिकित्सा सेवा विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और वरिष्ठ सहायक, चिकित्सा आदि पदों पर नौकरी निकाली हैं। वहीं दूसरी ओर वित्त विभाग में भर्ती के लिए पदों में वित्त विभाग के उप प्रमुख, प्रबंधक-वित्त और उप प्रबंधक-वित्त शामिल हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवारों को इस विज्ञापन के 15 दिनों के भीतर अपने आवेदन जमा करने के लिए कहा गया है।
विरोध को और हवा दे सकती हैं यह वैकेंसी
यह भर्ती एअर इंडिया के कर्मचारियों की नाराजगी को और बढ़ावा देने वाली है, क्योंकि पायलटों से लेकर सर्विस इंजीनियर तक सभी कर्मचारी एअर इंडिया में वेतन कटौती और 'लीव विदाउट पे' का विरोध कर रहे हैं। कंपनी ने सभी कर्मचारियों के सैलरी से 50 फीसदी तक की कटौती कर दी है। वहीं यह योजना लागू कर दी है कि अब किसी भी कर्मचारी को 6 महीने से 2 साल तक बिना वेतन के छुट्टी पर भेजा सकता है। जिसकी मियाद को 5 साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। वहीं कंपनी का प्राइवेटाइजेशन करने की भी योजना है।
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
इस फैसले के खिलाफ इंडियन पायलट्स गिल्ड हाईकोर्ट में याचिका तक दायर कर चुका है। जिसमें कहा गया है कि एअर इंडिया प्रबंधन ने लीव विदाउट पे पॉलिसी को लागू कर एअर इंडिया कर्मचारियों के साथ बड़ा अन्याय किया है। इससे कर्मचारियों को क्वार्टर खाली करना होगा। जो रुपया एडवांस लिया है वो नौकरी से छुट्टी पर जाने से पहले चुकाना होगा। किसी दूसरे एयरलाइंस में काम करने से पहले एअर इंडिया की एनओसी की जरुरत होगी। ऐसे तमाम मुद्दे और परेशानियां हैं जिससे कर्मचारियों को रूबरू होना होगा।