विदेशों में जाकर अच्छी शिक्षा पाना तो हर किसी का सपना है, लेकिन विदेश में बच्चे कितने सुरक्षित रहते हैं यह बड़ा सवाल है।
विदेशों में जाकर अच्छी शिक्षा पाना तो हर किसी का सपना है, लेकिन विदेश में बच्चे कितने सुरक्षित रहते हैं यह बड़ा सवाल है। हाल ही ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने यह कहा है कि भारतीय स्टूडेंट्स के लिए ऑस्ट्रेलिया सबसे सुरक्षित देश है । एनडीटीवी के अनुसार मैक्वैरी यूनिवर्सिटी के एसोसिएट डीन (ग्लोबल एंगेजमेंट) प्रोफेसर रिचर्ड डी ग्रिज्स ने बतााय कि ऑस्ट्रेलिया में स्टूडेंट्स के बीच मारपीट या क्राइम की घटनाएं बहुत ही कम हैं। ऑस्ट्रेलिया में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए स्कूल, वोकेशनल स्टडीज, अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट डिग्री और रिसर्च लेवल पर कई तरह के प्रोग्राम्स उपलब्ध हैं।
मैक्वैरी यूनिवर्सिटी से कर सकते हैं ये कोर्स
मैक्वैरी यूनिवर्सिटी अकाउंटिंग एंड फिनांस, कम्यूनिकेश, कल्चरल एंड मीडिया, अर्थ एंड मरीन साइंसेस, इंग्लिश लैंग्वेज एंड लिट्रेचर, ज्योग्राफी, लॉ, लिंग्विस्टिक्स एंड साइकोलॉजी में विश्व के टॉप १०० इंस्टीट्यूशंस में शामिल है। इंटरनेशनल स्टूडेंट्स इस यूनिवर्सिटी से यूजी, पीजी और रिसर्च कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी में पांच फैकल्टीज हैं - आर्ट्स, बिजनस एंड इकोनॉमिक्स, ह्यूमन साइंसेस, साइंस एंड इंजीनियरिंग और मेडिसिन एंड हैल्थ साइंसेस।
उपलब्ध है स्कॉलरशिप
ऑस्ट्रेलिया की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में स्कॉलरशिप की सुविधा मिल जाएगी। मैक्वैरी यूनिवर्सिटी में भारतीय स्टूडेंट्स को हर साल १०००० ऑस्ट्रेलियन डॉलर्स यानी कि करीब ५ लाख रुपए की स्कॉलरशिप दी जाती है। स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत २०० कोर्सवर्क डिग्री प्रोग्राम्स को शामिल किया गया है। उदाहरण के लिए अगर कोई भारतीय स्टूडेंट यहां से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग कर रहा है, तो उसे चार साल में ४०००० ऑस्ट्रेलियन डॉलर यानी कि करीब २० लाख रुपए की स्कॉलरशिप मिलेगी। इसके लिए स्टूडेंट को एंट्री क्राइटीरिया में फिट होना और समय रहते स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना अनिवार्य होता है। फरवरी २०१९ से शुरू होने वाले डिग्री कोर्स के लिए २१ दिसंबर २०१८ और जुलाई २०१९ से शुरू होने वाले कोर्स के लिए १५ जून २०१९ से पहले पहले आवेदन करना होगा।