शिक्षा

College Admission: साल में दो बार दाखिले पर क्या बोले कॉलेज के प्रोफेसर 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब से साल में दो बार कॉलेजों में दाखिला मिलेगा। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने साफ कर दिया है कि ये अनिवार्य नहीं है बल्कि कॉलेज के ऊपर निर्भर करेगा। इसे लेकर विभिन्न शैक्षणिक संस्थान के प्रोफेसर और निदेशक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

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लोकसभा चुनाव के बाद जब से धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री (Education Minister) की जिम्मेदारी संभाली है तब से शिक्षा विभाग में कई बदलाव हो रहे हैं। पीजी कोर्स (PG Course) में बदलवा की खबरें चल रही हैं। वहीं शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब से साल में दो बार कॉलेजों में दाखिला मिलेगा। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने साफ कर दिया है कि ये अनिवार्य नहीं है बल्कि कॉलेज के ऊपर निर्भर करेगा। इसे लेकर विभिन्न शैक्षणिक संस्थान के प्रोफेसर और निदेशक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

शिक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

आईआईएम संबलपुर (IIM Sambalpur) के निदेशक प्रोफेसर महादेव जयसवाल ने कहा कि वर्ष में दो बार कॉलेज में दाखिला मिलने से उच्च शिक्षा में ग्लोबल नेटवर्क और फॉरेन एक्सेंज कोर्सेज को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के दिशा में सराहनीय कदम उठा रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि साल में दो बार प्रवेश परीक्षा को आयोजित करना मुश्किल काम होगा। महादेव जयसवाल ने कहा कि शिक्षा विभाग के इस कदम से जीईआर (सकल नामांकन अनुपात) को बढ़ाने, नए कार्यक्रम पेश करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।

कॉलेज में नामांकन बढ़ेगा

वहीं ग्रेटर नोएडा स्थित बीआईएमटेक (BIMTECH) की निदेशक डॉ. प्रबीना राजीब ने कहा कि पिछले साल, यूजीसी ने वर्ष में दो बार दाखिले की योजना ओपन व डिस्टेंस लर्निंग कोर्सेज के लिए शुरू किया था, जिसमें ऑनलाइन मोड भी शामिल था। महादेव जयसवाल ने कहा कि शिक्षा विभाग के इस कदम से जीईआर (सकल नामांकन अनुपात) को बढ़ाने, नए कार्यक्रम पेश करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।

साल में दो बार दाखिले से मिलने वाले फायदे

  • साल में दो बार दाखिला लेने से कॉलेजों की सीट खाली नहीं रहेगी। साथ ही ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 
  • वर्ष में दो बार दाखिले से उच्च शिक्षा व्यवस्था में मजबूती आएगी। 
  • ऐसे छात्र जो स्वास्थ्य कारणों, आर्थिक तंगी, व्यक्तिगत समस्या या देर से रिजल्ट के कारण प्रथम बार में प्रवेश नहीं ले पाएंगे, उनका साल बर्बाद नहीं जाएगा और वे दूसरे बार में दाखिला ले पाएंगे। 
  • साथ ही सामाजिक आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को दो बार अवसर मिलेंगे।
Updated on:
17 Jun 2024 05:51 pm
Published on:
17 Jun 2024 04:16 pm
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