CBSE: बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट में दिए जाने वाले अंक छात्रों के वास्तविक मेरिट को दर्शाने चाहिए। छात्रों के नंबर में अनावश्यक बढ़ोतरी या किसी तरह की हेराफेरी को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
Central Board of Secondary Education ने कक्षा 10 और 12 की प्रैक्टिकल परीक्षाओं, आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) और प्रोजेक्ट मूल्यांकन को लेकर स्कूलों को एक बार फिर सख्त निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने साफ कहा है कि सभी स्कूलों को पहले से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह और सख्ती से पालन करना होगा। CBSE ने दोहराया कि प्रैक्टिकल परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन बोर्ड परीक्षा प्रक्रिया का अहम हिस्सा हैं। इनका आयोजन तय सिलेबस, निर्धारित मार्किंग स्कीम और बोर्ड की गाइडलाइंस के अनुसार ही किया जाना चाहिए। नियमों से किसी भी तरह की चूक या मनमानी पर CBSE कड़ा एक्शन ले सकती है।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट में दिए जाने वाले अंक छात्रों के वास्तविक मेरिट को दर्शाने चाहिए। छात्रों के नंबर में अनावश्यक बढ़ोतरी या किसी तरह की हेराफेरी को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। CBSE ने स्कूल की जिम्मेदारी पर भी जोर देते हुए कहा कि पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी स्कूल हेड्स को स्वयं करनी होगी। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा लेने वाले शिक्षक और परीक्षक मूल्यांकन मानकों से भली-भांति परिचित हों। बोर्ड ने स्कूलों को प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट और इंटरनल असेसमेंट से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी जांच की जा सके।
यह रिमाइंडर ऐसे समय आया है जब देशभर के CBSE स्कूल वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं से पहले प्रैक्टिकल एग्जाम सीजन की तैयारी में जुटे हैं। बोर्ड पहले भी कई बार आंतरिक मूल्यांकन में गड़बड़ियों को लेकर चेतावनी दे चुका है और कहा है कि ऐसी अनियमितताएं परीक्षा सिस्टम को नुकसान पहुंचाती हैं। CBSE ने स्कूलों को तय समय-सीमा के भीतर सभी मूल्यांकन कार्य पूरे करने और बोर्ड के पोर्टल पर निर्देशानुसार अंक अपलोड करने को कहा है। साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि ऑडिट या निरीक्षण के दौरान अगर किसी तरह की गड़बड़ी पाई गई, तो जुर्माना या अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।