शिक्षा

अब गरीबी नहीं बनेगी शिक्षा में बाधा, यहां मिलेगी मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ रहने और खाने की सुविधा

Free Boarding Schools: भारत सरकार ऐसे कई स्कूल संचालित करती है, जहां न सिर्फ पढ़ाई बल्कि रहना और खाना पीना भी मुफ्त होता है। आइए, जानते हैं ऐसे स्कूलों के बारे में-
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Updated: 20 Oct 2024, 10:19 AM IST
Free Boarding Schools

Free Boarding Schools: कई बार आर्थिक तंगी के कारण कुछ माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा नहीं दिला पाते हैं। ऐसे बच्चे सुनहरे भविष्य से दूर हो जाते हैं। हालांकि, भारत सरकार ऐसे कई स्कूल संचालित करती है, जहां न सिर्फ पढ़ाई बल्कि रहना और खाना पीना भी मुफ्त होता है। हम बात कर रहे हैं फ्री बोर्डिंग स्कूलों की। इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है। इन विद्यालयों में बच्चों के भविष्य को संवारने पर जोर दिया जाता है।

नवोदय विद्यालय (Navodaya Vidyalaya Admission)

नवोदय विद्यालय देश के प्रतिष्ठित फ्री बोर्डिंग स्कूलों में से एक है। यहां कक्षा 6, 9 और 11 में दाखिला लिया जा सकता है। नवोदय विद्यालय में पढ़ाई के लिए फीस नहीं देनी होती। हालांकि, कक्षा 9-12 के लिए मामूली विद्यालय विकास निधि का शुल्क लिया जाता है। इस स्कूल में दाखिला लेने के लिए प्रवेश परीक्षा देनी होती है, जिसे जवाहर नवोदय विद्यालय सेलेक्शन टेस्ट (JNVST) के नाम से जाना जाता है। बता दें, कक्षा 6 के लिए उम्र 10 से 12 साल और कक्षा 9 के लिए 13 से 15 साल के बच्चों का एडमिशन होता है। 

अटल आवासीय विद्यालय (Free Boarding Schools)

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालय में उन मजदूरों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यहां भी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को दाखिला मिलता है। इसमें राज्य के जिलों के हिसाब से फॉर्म निकलते हैं, जिससे छात्रों को मौका मिलता है।

एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल

एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल आदिवासी बच्चों के लिए है। इनका संचालन जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा किया जाता है। इन स्कूलों में अनुसूचित जनजाति के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। साथ ही उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था होती है। यहां कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा दी जाती है और दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। 

Updated on:
20 Oct 2024, 10:19 AM IST
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