General Science Questions: रोजमर्रा के जीवन में हमारे साथ कई वैज्ञानिक घटनाएं घटती हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं या फिर हमें उनका पता ही नहीं चलता।
General Science Questions: रोजमर्रा के जीवन में हमारे साथ कई वैज्ञानिक घटनाएं घटती हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं या फिर हमें उनका पता ही नहीं चलता। हम ऐसी ही कुछ चीजों के पीछे छिपे विज्ञान के बारे में यहां जानेंगे।
प्रश्न (1) - उगते और अस्त होते समय सूरज बड़ा क्यों दिखता है?
सूर्य पृथ्वी पर प्राकृतिक ऊर्जा का सबसे बडा स्रोत है। सूर्य हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा पिंड है और उसका व्यास लगभग 13 लाख 90 हजार किलोमीटर है, जो पृथ्वी से लगभग 109 गुना अधिक है। सूर्य के प्रकाश को हमारी पृथ्वी तक पहुंचने में लगभग 8.3 सैकंड का समय लगता है दसअसल जब सूर्य उदय होता है और जब अस्त होता है तो उस वक्त उसकी किरणें हल्की होती हैं और किरणों के हल्के होने के कारण सूर्य हमें पूरा दिखाई देता है लेकिन वहीं जब सूर्य की रोशनी पूरी होती है तो वह हमें पूरा दिखाई नहीं देता हैै। उस समय हमें केवल सूर्य का मध्य भाग ही दिखाई देता है। हमें उसका आकार छोटा दिखाई देता है। यही कारण है कि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय बड़ा दिखता है सूर्य।
प्रश्न (2) - तेल पानी पर क्यों तैरता है?
जब कोई वस्तु पानी के ऊपर तैरती है तो उसका धनत्व पानी के धनत्व से कम होता है। दरअसल तेल के अणुओं की सघनता पानी की अणुओं की सघनता से कम होती है। दूसरी वजह है ये तेल और पानी आपस में अविलय है, मतलब ये कभी भी घुल या मिल नहीं सकते हैं। ये दोनों आपस में घुलते नहीं है, अगर हम इन्हें जोर से हिलाएं या मिलाने की कोशिश कर लें, थोड़ी देर बाद पानी और तेल अलग हो जाते हैं इसलिए वह पानी के ऊपर तैरता है। वहीं अगर दूसरी तरह से देखें तो पानी के अणु ध्रुवीय होते हैं पानी के अणु के एक सिरे पर धनात्मक आवेश होता है और एक सिरे पर ऋणात्मक आवेश होता है इसी वजह पानी के अणु एक दूसरे से चिपक जाते हैं जबकि तेल के अणु गैर ध्रुवीय होते हैं इसीलिए तेल और पानी के अणु एक दूसरे के प्रति आकर्षित नहीं होते हैं।
प्रश्न (3) - ओलों की बारिश क्यों होती है?
जमीन से पानी आकाश में वाष्प के रूप में जाता है और यही जल संघनन होकर वर्षा के रूप में जमीन पर गिरता है। जब आकाश में नमी अधिक होती है तो ये बूंदें बर्फ का रूप ले लेती है। जब इस बर्फ की मात्रा आकाश में अधिक हो जाती है तो ये बर्फ जमीन पर ओलों के रूप में गिरती है। जब ये बर्फ गिरती है ओले कुछ बड़े और कुछ छोटे टुकड़ों के रूप में गिरते हैं जो टुकड़े अधिक छोटे होते हैं वे वायुमंडल में प्रवेश करते हीं वायुमंडल की गर्म हवा के संपर्क में आते ही पिघल जाते हैं और जो बडे टुकड़े होते हैं वे पिघल नहीं पाते हैं और छोटे-छोटे बर्फ के टुकड़ों के रूप में बरसते हैं, यही कारण है कि ओलों की वर्षा होती है और ओलों की वर्षा के साथ बूंदें गिरती हैं।