India New Zealand FTA: भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ बड़ा समझौता। अब भारतीय छात्रों को पढ़ाई के बाद 4 साल तक न्यूजीलैंड में काम करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही हर साल 5000 स्किल्ड प्रोफेशनल्स को वर्क वीजा मिलेगा। अब बिना किसी रुकावट के कर सकेंगे काम और पढ़ाई। जानिए नए वीजा नियमों की पूरी डिटेल।
India - New Zealand FTA Benefits For Students: भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने भारतीय स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार के दरवाजे खोल दिए हैं। इस समझौते का सबसे ज्यादा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो विदेश में पढ़ाई के साथ-साथ करियर बनाने का सपना देख रहे हैं।
नए नियमों के तहत अब भारतीय स्टूडेंट्स को आसानी से वीजा मिलने के साथ ही पढ़ाई पूरी करने के बाद वहां रुकने और काम करने के लिए भी ज्यादा समय दिया जाएगा। खास बात यह है कि न्यूजीलैंड ने पहली बार किसी देश के साथ स्टूडेंट मोबिलिटी पर इतना डिटेल्ड एग्रीमेंट किया है।
27 अप्रैल, 2026 को दिल्ली के भारत मंडपम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच ये ऐतिहासिक समझौता हुआ। इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के ट्रेड मिनिस्टर टॉड मैक्ले ने आधिकारिक डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर कर इस डील पर मुहर लगाई।
इस नए एग्रीमेंट के तहत पोस्ट स्टडी वर्क वीजा की समय सीमा बढ़ा दी गई है:
सिर्फ स्टूडेंट्स के लिए ही नहीं, बल्कि स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए भी रास्ते आसान हुए हैं। समझौते में टेम्परेरी एम्प्लॉयमेंट एंट्री (TEE) के तहत हर साल 5,000 वीजा का कोटा तय किया गया है। आईटी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और निर्माण क्षेत्र के एक्सपर्ट्स को इसका सीधा फायदा मिलेगा। भारत की रिक्वेस्ट पर इसमें आयुष चिकित्सक, योग ट्रेनर, भारतीय शेफ और म्यूजिक टीचर्स को भी शामिल किया गया है। ये प्रोफेशनल 3 साल तक वहां रहकर अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
युवाओं को इंटरनेशनल एक्सपीरियंस देने के लिए हर साल 1,000 भारतीयों को वर्किंग हॉलिडे वीजा दिया जाएगा। इसके तहत युवा 12 महीनों तक न्यूजीलैंड में रह सकते हैं, घूम सकते हैं और साथ ही काम भी कर सकते हैं। इसमें मल्टीपल एंट्री की सुविधा भी दी जाएगी।
इस व्यापार समझौते से भारत के एक्सपोर्ट मार्केट को भी जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले 100 परसेंट प्रोडक्ट्स पर अब कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। इसका सीधा फायदा टेक्सटाइल, चमड़ा उद्योग, जेम्स एंड ज्वेलरी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को होगा, जिससे देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।