इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए इंडियन आर्मी ने एक एनजीओ के सहयोग से 'कश्मीर सुपर 50' मिशन की शुरुआत की है
कश्मीर में शिक्षा के स्तर सुधारने के लिए 'कश्मीर सुपर 50' नाम से एक प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट भारतीय सेना, सेंटर फॉर सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड लीडरशिप (Center for Social Responsibility and Leadership -CSRL) और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (PETRONET LNG Limited -PLL) की एक संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य यहां कश्मीर गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देकर उन्हें अपने करियर की प्रति जागरुक करना है।
इस बात से आप सभी लोगों भलीभांति परिचित होंगे कि कश्मीर में एजुकेशन का स्तर ज्यादा अच्छा नहीं है। यहां आए दिन स्कूल कॉलेज बंद होते रहते हैं। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए इंडियन आर्मी ने एक एनजीओ के सहयोग से 'कश्मीर सुपर 50' मिशन की शुरुआत की है। कश्मीर क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के बच्चों की शैक्षणिक स्थिति में बदलाव करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम को 22 मार्च, 2013 को शुरू किया गया था
आपको बता दें कश्मीर सुपर 50 नाम के कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले बच्चों को इंजीनियरिंग की तैयारी करवाई जाती है। इसके अलावा यहां के छात्र JEE, JKCET और अन्य इंजीनियरिंग परीक्षाओं के लिये छात्र तैयारी करते हैं। यहां बच्चों के रहने की व्यवस्था भी की जाती है। यहां पर पढ़ने वाले बच्चे का चयन उनके मार्क्स और बैकग्राउंड के आधार पर होता है। जो बच्चे जरूरत से भी ज्यादा गरीब होते है और अपनी पढ़ाई खर्च उठाने में भी सक्षम नहीं लेकिन वे पढ़ने में इंटेलीजेंट है तो उन्हें इस प्रोजेक्ट के द्वारा मुफ्त में इंजीनियरिंग की तैयारी करवाई जाती है।
यह प्रोजेक्ट बिहार में चल रहे 'सुपर 30' प्रोजेक्ट की तर्ज पर काम कर रहा है। बता दें 'कश्मीर सुपर 50' भारतीय सेना के सबसे सफल कार्यक्रमों में से एक है। इसने जम्मू-कश्मीर के युवाओं के जीवन को सुधारने का एक मौका दिया है। घाटी में बुरे हालातों को सामान्य बनाने में भी इस प्रोजेक्ट ने एक मिसाल पेश की है। 'कश्मीर सुपर 50' प्रॉजेक्ट से इस साल 32 कश्मीरी छात्रों ने जेईई (मेंस) क्लियर किया है। उन छात्रों में से 7 ने जेईई (अडवांस्ड) क्लियर किया है। कोचिंग के लिए चुने गए कुल 50 छात्रों में से 45 लड़के और पांच लड़कियां थीं, जिन्हें जेईई, जेकेसीईटी और अन्य इंजिनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए मुफ्त रेजिडेंशल कोचिंग मुहैया कराई गई। बता दें मेंस एग्जाम क्लियर करने वालों में 20 अनुसूचित जनजाति श्रेणी, 2 अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के छात्र हैं और 2 लड़कियां है। यह सुपर 50 का पांचवां बैच है।