Nalini Joshi Scientist of the Year: भारतीय मूल की मैथमेटिशियन नलिनी जोशी ने ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रच दिया है। उन्हें न्यू साउथ वेल्स का 'साइंटिस्ट ऑफ द ईयर' चुना गया है। यह सम्मान पाने वाली वह पहली गणितज्ञ हैं। जानिए उनके इस सफर और रिसर्च के बारे में पूरी जानकारी।
Who is Nalini Joshi: भारतीय मूल की मशहूर मैथमेटिशियन नलिनी जोशी ने ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ी अचीवमेंट हासिल की है। उन्हें न्यू साउथ वेल्स (NSW) का 'साइंटिस्ट ऑफ द ईयर' चुना गया है। खास बात यह है कि, नलिनी यह सम्मान हासिल करने वाली पहली मैथमेटिशियन बन गई हैं। उनके इस सम्मान से न केवल गणित के क्षेत्र में उनके योगदान को पहचान मिली है, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भारत का मान भी बढ़ा है।
इस पुरस्कार की घोषणा न्यू साउथ वेल्स सरकार के अधिकारियों ने सिडनी में ऑर्गेनाइज एक समारोह के दौरान की। प्रोग्राम में ऑस्ट्रेलिया के कई दिग्गज साइंटिस्ट, शिक्षाविद और सरकारी नुमाइंदे शामिल हुए। सरकार ने नलिनी जोशी को साइंस, एजुकेशन और इनोवेशन के क्षेत्र में उनके अहम योगदान के लिए इस सम्मान से नवाजा है।
नलिनी जोशी सिडनी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। वे वहां के एप्लाइड मैथमेटिक्स रिसर्च प्रोग्राम की अगुवाई कर रही हैं। उनका रिसर्च वर्क कॉम्प्लेक्स मैथमेटिकल सिस्टम और इक्वेशन पर आधारित है। उनके द्वारा बनाए गए मैथमेटिकल मॉडल दुनिया-भर में नेचुरलऔर टेक्नोलॉजीकल प्रोसेस को समझने में मदद करते हैं। उनकी रिसर्च का इस्तेममाल खासतौर पर इन सेक्टर्स में किया जा रहा है-
नलिनी जोशी 'इंटीग्रेबल सिस्टम' और 'नॉन-लीनियर इक्वेशन' की एक्सपर्ट हैं। उन्होंने जो फॉर्मूले बनाएं हैं वो इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस जैसे क्षेत्रों में काफी मददगार साबित होंगे। उनके रिसर्च पेपर्स को इंटरनेशनल लेवल पर सराहा गया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया की साइंटिफिक क्रेडिबिलिटी की पूरी दुनिया में वाहवाही हुई है।
भारत में जन्मी नलिनी जोशी की सफलता की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो साइंस फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं। वह ऑस्ट्रेलिया में यंग साइंटिस्ट और स्टूडेंट्स को मेंटर भी करती हैं। अधिकारियों ने विज्ञान के प्रसार और डाइवर्सिटी को बढ़ावा देने के लिए उनकी डेडिकेशन की तारीफ की है। उनकी सफलता से पता चलता है कि, मजबूत इरादे और इंटेलेक्चुअल क्यूरोसिटी के दम पर दुनिया के किसी भी कोने में सफलता के झंडे गाड़े जा सकते हैं।