
Mid-day meal : बच्चों को स्कूली शिक्षा से जोडऩे, अतिरिक्त पोषण देने और स्वास्थ्य सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई मध्याह्न भोजन योजना अब सिर्फ नाम की रह गई है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि अधिकांश स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मेन्यू से अलग भोजन परोसा जा रहा है।शासन ने बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए सप्ताहिक मेन्यू भी निर्धारित किया है, लेकिन समूह संचालक और रसोइया मेन्यू को दरकिनार कर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। अब मध्याह्न भोजन बच्चों की पेट भरने की योजना बनकर रह गया है। पहले बच्चों को खीर, पूड़ी, सलाद, पापड़ और अचार के साथ पौष्टिक भोजन मिलता था। अब ऐसा नहीं है। पत्रिका की टीम के निरीक्षण में पाया गया कि बच्चों को सामान्य चावल, दाल और वही सब्जी दी जा रही है। सब्जी के नाम पर आलू, लौकी, बैगन, बड़ी ही ज्यादा बन रही है। सप्ताह में 3 से 4 दिन सब्जी में आलू रहता है। फल और गुड़-चना भी नदारद है।
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पत्रिका टीम ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। वहां की स्थिति इस प्रकार रही-
यहां लगभग 100 बच्चे अध्ययनरत हैं। मेन्यू के अनुसार शुक्रवार को दाल और सोयाबीन बड़ी बननी थी, लेकिन बच्चों को आलू और चना परोसा गया। रसोइयों ने कहा कि मेन्यू का पालन करने का प्रयास रहता है।
यहां लौकी की सब्जी बनाई गई थी। मेन्यू में फल और गुड़-चना शामिल था, लेकिन अचार और पापड़ गायब थे। पूछने पर आनन-फानन में अचार लाकर दिया गया।
यहां बच्चों को करेला-आलू की सब्जी दी गई। शुक्रवार का मेन्यू दाल और सोयाबीन बड़ी का था। इसके अलावा अन्य स्कूलों में भी मेन्यू का पालन नहीं किया जा रहा।
सोमवार: चावल, सांभर दाल (लौकी, कुम्हड़ा, मुनगा या अन्य हरी सब्जी मिलाकर), पापड़ (उपलब्धता के आधार पर) और गुड़-चना या मौसमी फल।
मंगलवार: चावल, पंचरत्न दाल (मूंग, अरहर, चना, उड़द, मसूर मिश्रित दाल), हरी सब्जी और गुड़-चना या मौसमी फल।
बुधवार: चावल, फ्राई दाल, हरी सब्जी/आलू की सब्जी और पौष्टिक आहार।
गुरुवार: चावल, मिश्रित दाल (सब्जियों के साथ मिक्स), हरी सब्जी और मौसमी फल।
शुक्रवार: चावल, दाल, सोयाबीन बड़ी की सब्जी या हरी सब्जी।
शनिवार: विशेष भोजन के तहत पूड़ी, खीर/हलवा और सब्जी।
मध्याह्न भोजन विभाग के मुताबिक प्राथमिक शाला (कक्षा 1 से 5वी) के बच्चों के लिए प्रति छात्र 6.78 रुपए प्रतिदिन व उच्च प्राथमिक / मिडिल शाला कक्षा 6 से 8वीं तक के प्रति छात्र 10.17 रुपए प्रतिदिन शासन की ओर से दिए जाते हैं।
जिले में कुल 816 प्राथमिक स्कूल
408 माध्यमिक स्कूल
लगभग 2300 रसोइया है
बालोद जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे ने कहा कि जिले के सभी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में बनने वाले मध्याह्न भोजन में तय मेन्यू का पालन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन ही दे। भोजन के नाम पर खानापूर्ति न करें।