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Most Illiterate Countries: 10 देश जो पढ़ाई के मामले में आज भी हैं फिसड्डी, देखिए PAK, अफगानिस्तान की रैकिंग

Most Illiterate Countries: दुनिया में शिक्षा के स्तर में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कुछ देश अब भी साक्षरता के मामले में काफी पीछे हैं। जानिए 2025 में सबसे कम साक्षरता दर वाले 10 देशों के बारे में, जिनमें पाकिस्तान और अफगानिस्तान भी शामिल हैं।
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Nov 08, 2025
Top 10 Most Illiterate Countries in the World
Top 10 Most Illiterate Countries in the World (Image: Freepik)

Most Illiterate Countries: दुनिया डिजिटल हो रही है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जमाना है। लेकिन शिक्षा के मोर्चे पर आज भी कई देश बेहद पीछे हैं। साल 1820 में जहां दुनिया की सिर्फ 12% आबादी पढ़ना-लिखना जानती थी वहीं आज 87% लोग साक्षर हैं। विकसित देश 100% साक्षरता के करीब पहुंच चुके हैं वहीं दूसरी ओर अफ्रीका और एशिया के कुछ देश अब भी अशिक्षा की जंजीरों में जकड़े हुए हैं।

Worldatlas की रिपोर्ट के मुताबिक, चाड, माली और बुर्किना फासो जैसे देश दुनिया के सबसे कम साक्षर देशों में गिने जा रहे हैं। वहीं, अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे एशियाई देश भी इस लिस्ट में नीचे की रैंकिंग पर हैं। चलिए जानते हैं दुनिया के ऐसे 10 देशों के बारे में जो पढ़ाई के मामले में आज भी फिसड्डी हैं, साथ ही यह भी जानेंगे पाकिस्तान की क्या रैंकिंग है।

दुनिया के 10 सबसे अशिक्षित देश (Most Illiterate Countries)

रैंकदेशसाक्षरता दर
1चाड (Chad)27.28%
2माली (Mali)30.76%
3बुर्किना फासो (Burkina Faso)34.49%
4दक्षिण सूडान (South Sudan)34.52%
5अफगानिस्तान (Afghanistan)37.27%
6सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (Central African Republic)37.49%
7नाइजर (Niger)38.10%
8सोमालिया (Somalia)41.02%
9गिनी (Guinea)45.33%
10बेनीन (Benin)47.10%

पाकिस्तान की रैंकिंग क्या है?

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान 58% साक्षरता दर के साथ इस सूची में 17वें स्थान पर है। इसका मतलब है कि देश की लगभग आधी आबादी अभी भी पढ़ना-लिखना नहीं जानती है।

शिक्षा की कमी का सबसे बड़ा कारण गरीबी, असमानता और भ्रष्टाचार है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में शिक्षा तक सीमित पहुंच और महिला साक्षरता दर की गिरावट भी स्थिति को और खराब बना रही है।

अफ्रीकी देशों में सबसे ज्यादा संकट

उप-सहारा अफ्रीका के देशों में तो हालात और भी गंभीर हैं। यहां हर तीन में से एक व्यक्ति पढ़ना या लिखना नहीं जानता है। सरकारों के पास संसाधनों की कमी, सामाजिक असमानता और संघर्षों ने शिक्षा व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।

शिक्षा ही विकास की राह

जिन देशों में शिक्षा का स्तर ऊंचा है वहां आर्थिक विकास और जीवन स्तर दोनों में सुधार देखा गया है। वहीं जिन देशों में साक्षरता दर कम है वहां गरीबी, बेरोजगारी और अपराध दर ज्यादा है।

दुनिया भले ही टेक्नोलॉजी और AI के युग में पहुंच चुकी हो लेकिन जब तक हर व्यक्ति शिक्षित नहीं होता तब तक असली विकास अधूरा रहेगा।

Updated on:
08 Nov 2025 05:33 pm
Published on:
08 Nov 2025 05:33 pm