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NEET पेपर लीक: आखिर क्यों बार-बार जुड़ रहा है इसी शहर का नाम? जानिए पूरा कनेक्शन

NEET UG 2026 Cancelled: 2024 के ग्रेस मार्क्स से लेकर 2026 के गेस पेपर तक जानिए नीट पेपर लीक में बार बार क्यों आ रहा है सीकर का नाम। जानिए नीट परीक्षा रद्द होने की असली वजह और सीकर से जुड़े पेपर लीक के करोड़ों के खेल की पूरी स्टोरी।
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May 12, 2026
neet exam cancelled news today
NEET Paper Leak Sikar Connection (Image- ChatGPT)

NEET Paper Leak 2026: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के रद्द होने से लाखों छात्रों को बड़ा झटका लगा है। इस साल गेस पेपर लीक विवाद ने दो साल पहले यानी 2024 में हुए नीट घोटाले की कड़वी यादें ताजा कर दी हैं। उस समय भी पेपर लीक ग्रेस मार्क्स और असामान्य रिजल्ट को लेकर पूरे देश में भारी बवाल हुआ था। सबसे हैरानी की बात यह है कि, 2024 की तरह इस बार भी राजस्थान का एजुकेशन हब सीकर धांधली के मुख्य केंद्र में है। आइए जानते हैं कि आखिर नीट पेपर लीक में बार-बार सीकर का नाम क्यों सामने आ रहा है।

2024 के नीट विवाद में क्या हुआ था?

साल 2024 में नीट परीक्षा पूरी तरह से विवादों में घिर गई थी। बिहार पुलिस और सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ था कि, कुछ स्टूडेंट्स ने 30 से 50 लाख रुपये देकर पेपर खरीदा था। जब रिजल्ट आया तो 67 स्टूडेंट्स ने टॉप किया और सभी की ऑल इंडिया रैंक 1 आई जो नीट के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। कई बच्चों को 718 और 719 अंक मिले जो आमतौर पर हासिल करना असंभव था। भारी विरोध और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने ग्रेस मार्क्स हटाए और री एग्जाम कराया जिसके बाद 720 अंक लाने वालों की संख्या घटकर 17 रह गई थी।

2024 में भी उठे थे गंभीर सवाल

राजस्थान के कोटा को टक्कर दे रहा सीकर पिछले कुछ सालों में एक बड़ी कोचिंग फैक्ट्री बन गया है। 2024 में नीट पेपर लीक विवाद की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में यह बात सामने आई थी कि, टॉप 100 परीक्षा केंद्रों में से 46 अकेले सीकर के थे। पूरे देश में जहां औसतन 1000 में से 6 बच्चों के 650 से ज्यादा अंक आए थे वहीं सीकर में हर चौथे स्टूडेंट ने 650 से ज्यादा का स्कोर किया था। उस साल 650 अंक पाने वाले 2037 परीक्षार्थी अकेले सीकर से थे। इन आंकड़ों ने पूरी चयन प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे।

2026 के लीक का भी केंद्र बना सीकर

अब 3 मई, 2026 को हुई परीक्षा में भी सीकर पेपर लीक का मुख्य अड्डा बनकर उभरा है। राजस्थान एसओजी की जांच में सामने आया है कि 120 से 140 सवालों (करीब 600 अंकों) वाला गेस पेपर सबसे पहले अप्रैल में सीकर पहुंचा था। सीकर के पीपराली रोड पर कंसल्टेंसी चलाने वाला राकेश मंडावरिया इसका मुख्य किरदार है। केरल से एमबीबीएस कर रहे चूरू के एक स्टूडेंट को पीडीएफ सीकर से ही भेजी गई थी, जिसके पिता सीकर में पीजी हॉस्टल चलाते हैं। इसी पीजी और करियर काउंसलर्स के जरिए यह गेस पेपर छात्रों में बांटा गया। एसओजी की जांच में सीकर से झुंझुनूं, चूरू, नागौर और देहरादून तक नेटवर्क फैले होने की पुष्टि हुई है।

पुलिस ने नहीं सुनी छात्रों की शिकायत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा वाले दिन ही कुछ छात्रों ने सीकर के उद्योग नगर थाने में पेपर लीक की शिकायत की थी लेकिन, पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। एनटीए के स्थानीय कोऑर्डिनेटर ने भी शुरुआती तौर पर किसी गड़बड़ी से इनकार कर दिया था। इसके बाद स्टूडेंट्स ने सबूतों के साथ एनटीए को ईमेल भेजा तब जाकर एजेंसियां सक्रिय हुईं। 8 मई को एसओजी ने सीकर और झुंझुनूं में छापेमारी शुरू की तो पाया कि 720 में से 600 अंकों के क्वेश्चन गेस पेपर से हूबहू मैच हो रहे थे। अब मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सीबीआई (CBI) को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए है।

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