शिक्षा

स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर नीति आयोग का खुलासा, आईटी हब कर्नाटक के ही आधे स्कूलों में इंटरनेट नहीं!

Digital Education in India: भारत में डिजिटल शिक्षा की क्या स्थिति है? नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के 30 प्रतिशत से ज्यादा स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा नहीं हैं। जानिए एजुकेशन सिस्टम पर क्या कहती है नीति आयोग की नई रिपोर्ट।
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May 24, 2026
Digital learning in India
NITI Aayog Report 2026 (Image- Freepik)

NITI Aayog Report 2026: भारत में डिजिटल लर्निंग (डिजिटल शिक्षा) तेजी से बढ़ रही है लेकिन, क्या इसका फायदा देश के हर कोने और हर स्कूल के बच्चों को मिल रहा है? नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट 2026 के आंकड़े इस सवाल का जवाब देते हैं। स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया: टेम्पोरल एनालिसिस एंड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी एन्हांसमेंट नाम की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि, देश ने बिजली, कंप्यूटर, इंटरनेट और स्मार्ट क्लासरूम जैसी सुविधाओं में काफी विकास किया है लेकिन राज्यों के बीच अभी भी भारी असमानता मौजूद है।

रिपोर्ट के अनुसार नेशनल लेवल पर सुधार के बावजूद देश के एक तिहाई से ज्यादा स्कूलों में आज भी कंप्यूटर नहीं हैं एक तिहाई से ज्यादा स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा नहीं है और 10 में से 7 स्कूलों में बच्चों के लिए स्मार्ट क्लासरूम भी नहीं हैं।

स्कूलों में चालू कंप्यूटर की क्या है स्थिति

डिजिटल स्किल सीखने के लिए स्कूलों में कंप्यूटर होना सबसे ज्यादा जरूरी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक दशक में स्कूलों में कंप्यूटर की उपलब्धता लगातार बढ़ी है। राष्ट्रीय स्तर पर साल 2014 और 2015 में 26.42 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर थे जो साल 2024 और 2025 में बढ़कर 64.7 प्रतिशत हो गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, लक्षद्वीप के 100 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर हैं जबकि दिल्ली (99.9 प्रतिशत), पुडुचेरी (99.5 प्रतिशत), चंडीगढ़ (99.5 प्रतिशत), केरल (99.5 प्रतिशत), और पंजाब (99 प्रतिशत) में यह कवरेज लगभग पूरा हो चुका है। दूसरी तरफ मेघालय (19.7 प्रतिशत), पश्चिम बंगाल (25.1 प्रतिशत), बिहार (25.2 प्रतिशत) और मणिपुर (38.0 प्रतिशत) जैसे राज्यों के स्कूल इस मामले में सबसे ज्यादा पिछड़े हुए हैं।

इंटरनेट कनेक्टिविटी कैसी है?

ऑनलाइन शिक्षा और नए प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए स्कूलों में इंटरनेट का होना जरूरी है। नीति आयोग की रिपोर्ट बताती है कि, 2024 और 2025 में देश के लगभग 63.5 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा पहुंच चुकी है। फिर भी एक-तिहाई से ज्यादा स्कूल बिना इंटरनेट के चल रहे हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात कर्नाटक की है। कर्नाटक को देश का सबसे बड़ा आईटी हब माना जाता है लेकिन, वहां के केवल आधे (50.7 प्रतिशत) स्कूलों में ही इंटरनेट की सुविधा है। यह आंकड़ा कर्नाटक की ग्लोबल आईटी इमेज और उसके शिक्षा के बुनियादी ढांचे के बीच एक बहुत बड़े अंतर को दिखाता है।

स्मार्ट क्लासरूम का क्या है हाल

स्मार्ट क्लासरूम वह जगह है जहां पढ़ाई के लिए प्रोजेक्टर, ऑडियो विजुअल कंटेंट और ई रिसोर्स का इस्तेमाल होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 और 2022 में केवल 14.9 प्रतिशत स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम थे जो, अब बढ़कर 30.6 प्रतिशत हो गए हैं। हालांकि देश के लगभग 10 में से 7 स्कूलों में अभी भी स्मार्ट क्लासरूम नहीं हैं। इस मामले में चंडीगढ़ (95.2 प्रतिशत), लक्षद्वीप (86.1 प्रतिशत) और पंजाब (80.1 प्रतिशत) सबसे आगे हैं। जबकि सबसे निचले स्तर पर मेघालय (4.3 प्रतिशत), पश्चिम बंगाल (5.7 प्रतिशत), मिजोरम (11.3 प्रतिशत), झारखंड (14.8 प्रतिशत), बिहार (14.9 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (19.6 प्रतिशत) और उत्तर प्रदेश (19.8 प्रतिशत) हैं।

Updated on:
24 May 2026 06:18 pm
Published on:
24 May 2026 06:18 pm