शिक्षा

रोज एक डॉलर के दान से गांव का सरकारी स्कूल बना हाईटेक, निजी स्कूलों को दी मात

एनआरआई परिवार रोजाना एक डॉलर स्कूल के नाम दान करना नहीं भूल रहे। इन परिवार के दान से गांव का सरकारी स्कूल स्मार्ट स्कूल बन गया है।
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Updated: 7 May 2018, 2:39 PM IST
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पाटण जिले की चाणस्मा तहसील के गंगेट गांव में गंगेट अनुपम सरकारी प्राथमिक स्कूल में आधुनिक शिक्षा की सभी सुविधाएं हैं। जिसका श्रेय गांव के १७ एनआरआई परिवार को जाता है। कक्षा ८वीं तक के इस स्कूल में गांव के २०६ बच्चे अभ्यास करते हैं। बच्चों के कम्प्यूटर सहित तमाम आधुनिक सुविधाएं मिल सके, इसके लिए १७ एनआरआई परिवार रोजाना एक-एक डॉलर स्कूल के एकाउंट में जमा कराते हैं।

पिछले तीन वर्षों से एनआरआई परिवार रोजाना एक डॉलर स्कूल के नाम दान करना नहीं भूल रहे। इन परिवार के दान से गांव का सरकारी स्कूल स्मार्ट स्कूल बन गया है। उच्च शिक्षा के साथ वे सभी सुविधाएं जो निजी स्कूलों में मिलती है, वह यहां सरकारी स्कूल में निशुल्क मिल रही है। सभी ग्रामीण ऐसे एनआरआई परिवारों पर गर्व करते हैं।

हर वर्ष साढ़े चार लाख रुपए दान
मूलरूप से गंगेट गांव निवासी एवं विदेश में रहने वाले १७ एनआरआई परिवार रोजाना एक-एक डॉलर स्कूल के खाते में जमा कराते हैं। जिसके चलते रोजाना १७ डॉलर जमा होते हैं। इस तरह हर वर्ष करीब ४ लाख ५० हजार रुपए से अधिक का दान मिलता है। इससे स्कूल की दशा व दिशा बदल गई है।

वतन का ऋण चुकाने का संदेश
स्कूल के शिक्षक हिरेनभाई मेवाड़ा के अनुसार विदेश में जाकर लोग अपने संबंधियों को भूल जाते हैं, लेकिन गंगेट गांव के १७ एनआरआई परिवारों ने विदेशों में रहकर भी वतन का ऋण चुकाने का अच्छा संदेश दिया है। यदि इसी तरह सभी एनआरआई रोजाना सिर्फ एक डॉलर अपने गांव में शिक्षा व अन्य सेवाओं के लिए दें तो प्रत्येक गांव गांव की दशा बदल जाएगी। गांव के बालकों को निजी स्कूल का रुख नहीं करना पड़ेगा।

यह सुविधाएं हैं...
स्कूल में कम्प्यूटर लेब, स्मार्ट क्लास रूम, फुल फर्नीचर लायब्रेरी, योगशाला, ऑनलाइन प्रोजेक्ट के लिए आठ एलईडी, खेल-कूद के लिए बच्चों को हर वर्ष एक हजार रुपए की सहायता भी। आगामी प्रोजेक्ट में स्कूल में गार्डन बनाया जाएगा।

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