One Year BEd Course: राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) एक बार फिर से एक वर्षीय बीएड और एमएड प्रोग्राम फिर शुरू करने जा रही है। करीब एक दशक पहले इसे इसकी अवधि दो वर्ष की गई थी।
One Year BEd Course: राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) एक बार फिर से एक वर्षीय बीएड और एमएड प्रोग्राम फिर शुरू करने जा रही है। करीब एक दशक पहले इसे इसकी अवधि दो वर्ष की गई थी। नए मसौदा के ये प्रावधान 2026-27 से प्रभावी होंगे। इससे शिक्षा में करियर बनाने वालों को कम समय में तैयार किया जा सकेगा। हाल ही में एनसीटीई की आम सभा की बैठक में प्रस्ताव के मसौदे को मंजूरी दी गई है। फीडबैक प्राप्त करने के लिए इसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।
हालांकि, एक वर्षीय बीएड और एमएड पाठ्यक्रमों को फिर से शुरू करने का मतलब यह नहीं है कि दो वर्षीय कार्यक्रमों को खत्म किया जा रहा है। एनसीटीई के चेयरमैन पंकज अरोड़ा ने कहा कि एक वर्षीय एमएड पाठ्यक्रम पूर्णकालिक होगा, जबकि दो वर्षीय अंशकालिक पाठ्यक्रम उन लोगों के लिए पेश किया जाएगा जो शिक्षक और शिक्षा प्रशासक जैसे कामकाजी हैं। इसीलिए नई शिक्षा नीति के तहत इसमें बदलाव किया जा रहा है।
मसौदा नियमों के अनुसार, एक वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के लिए केवल वे ही पात्र होंगे जिन्होंने चार वर्षीय स्नातक डिग्री या स्नातकोत्तर कार्यक्रम पूरा किया है। अरोड़ा ने कहा कि यह उन लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होगा जिन्होंने तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा किया है और ऐसे छात्रों के लिए दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम जारी रहेगा। अरोड़ा ने बताया कि 2015 में शुरू किए गए दो वर्षीय पाठ्यक्रम ने शिक्षण कार्यों को बेहतर करने में कोई मदद नहीं की। कई संस्थानों में सीटें खाली रह गईं और पाठ्यक्रम में उस तरह से सुधार नहीं किया गया जैसा होना चाहिए था।
चार वर्षीय (बीए बीएड/बीएससी बीएड/बीकॉम बी.एड) इंटीग्रेटेड टीचर एडुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) को 2023-24 शैक्षणिक सत्र से 57 संस्थानों में पायलट मोड में शुरू किया गया है। यह उन छात्रों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने 12वीं पूरी कर ली है। अरोड़ा ने कहा कि 2025-26 सत्र से आईटीईपी पायलट मोड में नहीं रहेगा और शिक्षक शिक्षा का एक नियमित कार्यक्रम होगा। 2025-26 सत्र से चार विशेष आईटीईपी प्रोग्राम- आईटीईपी योग, शारीरिक शिक्षा, संस्कृत शिक्षा और कला शिक्षा- भी पेश किए जाएंगे।