AIU 95th Annual Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की 95वीं वार्षिक बैठक को संबोधित किया। बाबा साहेब ने समान अवसरों समान अधिकारों पर जोर दिया था। जनधन खाता खोलने की योजना पर अमल उसी का प्रतीक है।
AIU 95th Annual Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की 95वीं वार्षिक बैठक को संबोधित किया। उन्होंने वायस चांसलर्स की मौजूदगी में डॉ. भीमराव अंबेडकर पर किशोर मकवाने द्वारा लिखित पुस्तकों का विमेचन भी किया और उन्हें याद किया।
इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि बाबा भारत डॉ. अंबेडकर के कदमों पर चलते हुए तेजी से गरीब, वंचित, शोषित, पीड़ित सभी के जीवन में बदलाव ला रहा है। बाबा साहेब ने समान अवसरों समान अधिकारों पर जोर दिया था। जनधन खातों के जरिए हर व्यक्ति का आर्थिक समावेश उनके इसी विचारों का परिणाम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वाधीनता सेनानियों ने समरस और समावेशी भारत का सपना देखा था। अपने सपनों को पूरा करने की शुरुआत बाबासाहेब ने देश को संविधान देकर की थी। आज पूरा देश बाबा साहेब के जीवन संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए काम कर रहा है।
स्टूडेंट्स और टीचर्स के सामने होते हैं 3 सवाल
एआईयू की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर छात्र का अपना एक सामर्थ्य होता है। उन्हीं क्षमताओं के आधार पर स्टूडेंट्स और टीचर्स के सामने तीन सवाल भी होते हैं। पहला वो क्या कर सकते हैं? दूसरा अगर उन्हें सिखाया जाए तो वो क्या कर सकते हैं? तीसरा वो क्या करना चाहते हैं?
पीएम ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का भी जिक्र किया। डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षा के जिन पहलुओं की बात की थी वो ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल में दिखते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति जितनी व्यावहारिक है, उतना ही व्यावहारिक इसे लागू करना भी है।
पीएम ने किशोर मकवाना की 4 पुस्तकों का किया विमोचन
पीएम मोदी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर बाबा साहब से संबंधित चार पुस्तकों का विमोचन किया। इन चार पुस्तकों का लेखन किशोर मकवाना ने किया है। जिन पुस्तकों को विमोचन पीएम मोदी किया उनमें डॉ. अंबेडकर जीवन दर्शन, डॉ. अम्बेडकर व्याक्ति दर्शन, डॉ. अम्बेडकर राष्ट्र दर्शन और डॉ. अम्बेडकर श्याम दर्शन शामिल हैं।
इस बैठक का मकसद हाल ही में शुरू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ( NEP-2020 ) के लिए अपने प्राथमिक हितधारकों, छात्रों के हित में प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक स्पष्ट कार्य योजना के साथ रणनीति तैयार करना है।
गौरतलब है कि देश में उच्च शिक्षा की सर्वोच्च संस्था एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ ( AIU ) 14 और 15 अप्रैल को अपनी 95वीं वार्षिक बैठक आयोजित कर रही है। एआईयू इस दौरान अपने वित्तीय विवरण और आगामी वर्ष के लिए प्रस्तावित गतिविधियों की रूपरेखा भी जारी करेगी।
Web Title: pm modi address 95th annual meeting of association of Indian universities today