शिक्षा

SMC Guidelines 2026: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जारी करेंगे नए नियम, स्कूलों में होंगे ये बड़े बदलाव

SMC New Guidelines 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज नई दिल्ली में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के लिए नए दिशा निर्देश जारी करेंगे। जानिए स्कूली शिक्षा और नियमों में हो रहे हैं कौनसे बड़े बदलाव और क्या हैं स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के नए नियम।

2 min read
May 06, 2026
School Management Committee rules (image- ChatGPT)

SMC Guidelines 2026: देश भर के स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को अब ज्यादा पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज 6 मई को दोपहर 3 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी 2026 के लिए नए दिशा निर्देश जारी करेंगे।

नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस पहल का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में स्कूली शिक्षा के भीतर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस अहम प्रोग्राम का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर भी किया जाएगा जिससे देश भर के लोग इससे जुड़ सकेंगे।

ये भी पढ़ें

NEET UG 2026: सरकारी कॉलेज में नहीं मिला दाखिला तो चुनें ये बेस्ट मेडिकल यूनिवर्सिटी, देखें फीस और कटऑफ की पूरी लिस्ट

स्कूली प्रशासन को मिलेगी मजबूती

नए एसएमसी दिशा निर्देश मुख्य रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के विजन पर आधारित हैं जो इन्क्लूसिव और सामुदायिक शिक्षा पर जोर देती है। स्कूल मैनेजमेंट कमेटियां स्टूडेंट्स के माता-पिता, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के लोगों को एक मंच पर लाने का काम करती हैं ताकि, सबकी आपसी भागीदारी से स्कूल का विस्तृत विकास किया जा सके। शिक्षा मंत्रालय को उम्मीद है कि, इन अपडेटेड नियमों से स्कूलों माता-पिता और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा जिससे बच्चों को सीखने का शानदार माहौल मिल सकेगा।

SMC दिशा निर्देश 2026 की अहम बातें

  • नए नियमों के तहत स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के कम से कम 75 प्रतिशत सदस्य छात्रों के माता पिता या अभिभावक होने चाहिए।
  • समिति में महिलाओं को कम से कम 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना अनिवार्य किया गया है।
  • इस कमेटी में स्थानीय अधिकारियों शिक्षकों गैर सरकारी संगठनों शिक्षाविदों और वंचित समूहों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।
  • स्कूलों के प्रभावी प्रबंधन और विकास कार्यों की रूपरेखा तय करने के लिए एसएमसी की नियमित बैठकें आयोजित की जानी चाहिए।
  • सभी एसएमसी बैठकों का पूरा विवरण और रिकॉर्ड रखने के लिए स्कूलों को एक अलग रजिस्टर अनिवार्य रूप से बनाना होगा।
  • समिति के सदस्यों को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
  • यह दिशा निर्देश शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के अनुरूप तैयार किए गए हैं।

कमेटी में 75 प्रतिशत होंगे अभिभावक

नई गाइडलाइन के अनुसार, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी में अब कम से कम 75 प्रतिशत सदस्य स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के पेरेंट्स होंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि स्कूल के विकास फंड के इस्तेमाल और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े सभी बड़े और अहम फैसले अब माता-पिता खुद ले सकेंगे। इससे स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सीधे तौर पर सकारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। सदस्यों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे।

ये भी पढ़ें

इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए डीआरडीओ में इंटर्नशिप का शानदार मौका मिलेगा 30 हजार स्टाइपेंड
Updated on:
06 May 2026 12:04 pm
Published on:
06 May 2026 12:02 pm
Also Read
View All