
IPS Anu Beniwal Success Story: नियम और कानून सबके लिए बराबर हैं, चाहे कोई रसूखदार हो या आम नागरिक। इसी सिद्धांत को धरातल पर सही साबित कर दिखाया है IPS ऑफिसर अनु बेनीवाल ने। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में तैनात अनु बेनीवाल इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। दरअसल, एक वायरल वीडियो में चेकिंग के दौरान एक बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगी गाड़ी को पकड़ा गया था। जिसका चालक ये दावा कर कहा था कि, उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक है। वहीं अनु बेनीवाल इस रसूख दिखाने वाले चालक को बड़ी ही शालीनता और सख्ती से समझाती नजर आ रही हैं कि, "चाहे आपके फूफा राष्ट्रपति ही क्यों न हों, चालान तो कटेगा ही।"
दिल्ली के पीतमपुरा की रहने वाली अनु बेनीवाल का जन्म 26 अप्रैल,1992 को एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता संजय कुमार एक समय बटन बनाने की छोटी यूनिट चलाते थे, लेकिन गंभीर बीमारी के कारण उसे बंद करना पड़ा। पिता खुद अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके थे, इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कोई कमी नहीं आने देंगे।
घर की फाइनेंशियल सिचुएशन खराब हुई तो उनकी मां घर पर ही सूट सिलने का काम करने लगीं ताकि, घर का खर्च चल सके और बच्चों की फीस जमा हो सके। जिस दौरान अनु UPSC की तैयारी कर रही थीं, उस समय उनके माता-पिता दोनों ही स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे। पिता को दिल की बीमारी और सुनने में दिक्कत थी, वहीं उनकी मां के न्यूरो से जुड़े दो ऑपरेशन हुए थे। इन हालातो के बावजूद परिवार ने कभी अनु का हौसला टूटने नहीं दिया।
अनु शुरू से ही मेधावी स्टूडेंट रही हैं। दिल्ली के हिंदू कॉलेज से उन्होंने BSC और MSC की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने कुछ सालों तक नैनो साइंस रिसर्च के क्षेत्र में भी काम किया। रिसर्च सेक्टर में अच्छा भविष्य होने के बावजूद उन्होंने समाज के लिए कुछ बड़ा करने की ठानी और सिविल सेवा की राह चुनी। उन्होंने जियोग्राफी सबजेक्ट के साथ UPSC की तैयारी शुरू की।
UPSC का सफर अनु के लिए आसान नहीं रहा। उन्होंने साल 2018 में पहली बार एग्जाम दी, लेकिन प्रीलिम्स में ही बाहर हो गईं। दूसरे अटेम्प्ट में वे मेन्स तक पहुंचीं, पर मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाईं। तीसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 638वीं रैंक हासिल की, लेकिन उन्हें मनचाही सर्विस नहीं मिली। हार मानने के बजाय अनु ने चौथी बार फिर एग्जाम देने का फैसला किया। साल 2022 में उन्होंने 217वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में अपनी जगह पक्की की। उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला और आज वे ग्वालियर में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) के पद पर तैनात है और अपनी सेवाएं दे रही हैं।
ASP अनु बेनीवाल ने बताया, कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा चाहे उसकी कोई भी पहचान हो, कानून सबके लिए बराबर है। अनु बेनीवाल की यह कहानी बताती है कि यदि इरादे मजबूत हों और परिवार का साथ हो, तो गरीबी और विपरीत परिस्थितियां भी आपकी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं।