
NCP Next Leader Maharashtra: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुई दर्दनाक मौत से ना सिर्फ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) बल्कि पूरा देश सदमे में है। अब सबकी निगाहें उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार पर टिकी हैं। सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि, महायुति सरकार में अजित पवार की जगह सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। एनसीपी के शीर्ष नेताओं की उनसे मुलाकात के बाद इन अटकलों को और हवा मिली है। ऐसे में आइए जानते हैं कि, कितनी पढ़ी-लिखी हैं अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार।
सुनेत्रा पवार का ताल्लुक मराठवाड़ा के धाराशिव जिले से है। उनके पिता एक स्वतंत्रता सेनानी और गांव के पाटिल थे। सुनेत्रा पवार पूर्व राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद पद्मसिंह पाटिल की सगी बहन हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुनेत्रा पवार B.Com (बैचलर ऑफ कॉमर्स) ग्रुजेएट हैं। उनकी एजुकेशन की बात करें तो उन्होंने अपनी हायर एजुकेशन औरंगाबाद के मशहूर एसबी आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज (डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय) से पूरी की है। यहां से उन्होंने साल 1983 में बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री हासिल की थी।
सुनेत्रा पवार ने लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर न केवल परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर भी जमीन पर उतरकर काम किया है। उनके पर्यावरण प्रयासों के लिए उन्हें ग्रीन वॉरियर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। 2011 से वे फ्रांस में 'वर्ल्ड एंटरप्रेन्योरशिप फोरम' की थिंक टैंक सदस्य भी हैं। सुनेत्रा पवार शरद पवार द्वारा स्थापित शैक्षणिक ट्रस्ट 'विद्या प्रतिष्ठान' की ट्रस्टी हैं और 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की सीनेट सदस्य भी हैं। सुनेत्रा ने एनवायर्नमेंटल फोरम ऑफ इंडिया (EFOI) की स्थापना की, जिसके जरिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया। उनके अथक प्रयासो के चलते उन्हें ग्रीन वॉरियर अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
सुनेत्रा पवार ने हाल के ही कुछ सालों में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती सीट से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा। हालांकि इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन अपनी मौजूदगी से वह चर्चा में आ गईं। इसके बाद जून 2024 में उन्हें एनसीपी की ओर से राज्यसभा भेजा गया, जहां वे वर्तमान में सांसद के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
अजित पवार के निधन के बाद अब बारामती और राकांपा (अजित गुट) के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि, आने वाले समय में सुनेत्रा पवार पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पार्टी और बारामती की विरासत को संभालने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।