अमेरिकी अधिकारियों बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमले के आदेश दिए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये दोनों देश सैन्य शक्ति में कितने मजबूत हैं? आइये जानते हैं।
Venezuela Attack: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच युद्ध की शुरुआत हो चुकी है। वेनेजुएला की राजधानी काराकस में जोरदार धमाके की सूचना है। अमेरिकी अधिकारियों ने सीबीएस न्यूज को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमले के आदेश दिए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये दोनों देश सैन्य शक्ति में कितने मजबूत हैं? आइये जानते हैं।
अगर हम 'ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025' की रिपोर्ट पर नजर डालें, तो यह मुकाबला 'हाथी और चींटी' जैसा लगता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर सेना है। यश इस इंडेक्स में रैंक 1 पर है। जिसका पावर इंडेक्स स्कोर 0.0744 है. वहीं, वेनेजुएला इस लिस्ट में काफी नीचे, 50वें नंबर पर आता है। वहीं सैनिकों की गिनती में भी जमीन-आसमान का अंतर है। अमेरिका के पास 13 लाख से ज्यादा 'एक्टिव' जवान हैं, जो किसी भी वक्त एक्शन के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर उनके पास 8 लाख रिजर्व सैनिक भी मौजूद हैं। दूसरी तरफ, वेनेजुएला के पास बमुश्किल 1 लाख 9 हजार नियमित सैनिक और नाममात्र के लिए 8 हजार रिजर्व जवान हैं।
हवाई ताकत की बात करें तो फासला और भी डरावना नजर आता है। अमेरिका के पास 13,000 से ज्यादा विमानों का विशाल बेड़ा है। इसमें F-22 और F-35 जैसे पांचवीं पीढ़ी के 'स्टेल्थ फाइटर' शामिल हैं, जो दुश्मन के रडार को चकमा देकर हमला करने में माहिर हैं। इसके मुकाबले वेनेजुएला की वायुसेना के पास कुल जमा 229 विमान हैं। इनमें भी ज्यादातर पुराने रूसी Su-30 या अमेरिका के ही दिए हुए पुराने F-16 जेट्स हैं। मुसीबत ये भी है कि स्पेयर पार्ट्स और सही रख-रखाव की कमी के कारण वेनेजुएला के कई विमान तो शायद उड़ान भरने की हालत में भी नहीं हैं। जमीन और समंदर का हालजमीनी लड़ाई के लिए अमेरिका के पास 5,500 से ज्यादा टैंक और लाखों की तादाद में आर्मर्ड व्हीकल मौजूद हैं। उनके पास दुनिया के सबसे आधुनिक रॉकेट सिस्टम हैं। वहीं, वेनेजुएला के पास गिने-चुने टैंक हैं और उनके हथियार वक्त के साथ पुराने हो चुके हैं।
समंदर में तो अमेरिका का कोई सानी ही नहीं है। अमेरिकी नौसेना के पास 11 परमाणु ताकत से चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर (विमानवाहक पोत) हैं, जो अपने आप में तैरते हुए एयरबेस हैं। इसके साथ सैकड़ों मिसाइल डिस्ट्रॉयर और युद्धपोत चलते हैं। वेनेजुएला की नेवी के पास सिर्फ 34 छोटे जहाज हैं, जो अपने तट की निगरानी तो कर सकते हैं, लेकिन किसी बड़े हमले को रोकने की क्षमता नहीं रखते।