GK Fects: क्या आप जानते हैं कि, दुनिया में कुछ ऐसे भी देश हैं जो संविधान से नहीं बल्कि पुरानी परंपराओं और अलग-अलग कानूनों से चलते हैं? जानिए ये देश बिना संविधान के अपनी शासन व्यवस्था कैसे चलाते हैं।
Which Country Has No Constitution: किसी भी देश को सही ढंग से चलाने और वहां के नागरिकों को उनके अधिकार देने के लिए संविधान की जरूरत होती है। संविधान उन बुनियादी नियमों और सिद्धांतों का एक समूह है जो बताता है कि, कोई राज्य या देश कैसे काम करेगा। दुनिया के ज्यादातर देशों का अपना एक लिखित संविधान है। संयुक्त राष्ट्र (UN) का भी मानना है कि, राजनीतिक स्थिरता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक शासन का होना बहुत जरूरी है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ ऐसे भी देश हैं जिनका अपना कोई एक लिखित संविधान नहीं है? ये देश किसी एक किताब के बजाय अपने पुराने कानूनों, परंपराओं और अदालती फैसलों के आधार पर चलते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इन देशों के बारे में।
इन देशों में एक अनकोडिफाइड (बिना संहिताबद्ध) संविधान होता है। इसका मतलब है कि, इनके नियम किसी एक दस्तावेज में नहीं लिखे गए हैं बल्कि, वे अलग-अलग कानूनों और ऐतिहासिक दस्तावेजों में बंटे हुए हैं।
| देश का नाम | शासन की व्यवस्था | संविधान का मुख्य स्रोत |
| यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) | अनकोडिफाइड डेमोक्रेसी | मैग्ना कार्टा संसदीय अधिनियम और परंपराएं |
| इजरायल | अनकोडिफाइड डेमोक्रेसी | संसद द्वारा पास किए गए बेसिक कानून |
| न्यूजीलैंड | अनकोडिफाइड डेमोक्रेसी | संविधान अधिनियम 1986 और वैतांगी की संधि |
| कनाडा | मिश्रित संवैधानिक व्यवस्था | संविधान अधिनियम और पुरानी परंपराएं |
| सऊदी अरब | पूर्ण राजशाही | कुरान और शासन के मूल कानून |
यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन)
ब्रिटेन दुनिया के उन सबसे प्रमुख देशों में से एक है जिसका, कोई लिखित संविधान नहीं है। यहां की पूरी शासन व्यवस्था ऐतिहासिक दस्तावेजों जैसे मैग्ना कार्टा, संसद द्वारा बनाए गए कानूनों, पुराने अदालती फैसलों और सदियों पुरानी राजनीतिक परंपराओं के आधार पर चलती है।
इजरायल
ऐतिहासिक और राजनीतिक विवादों के कारण इजरायल के अस्तित्व में आने के बाद से ही वहां कोई लिखित संविधान नहीं बन पाया। इसके बजाय इजरायल सरकार लोकतंत्र और लोगों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए संसद द्वारा बनाए गए बुनियादी कानूनों (Basic Laws) के एक समूह का पालन करता है।
न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड का संवैधानिक ढांचा भी कई अलग-अलग स्रोतों से मिलकर बना है। इनमें साल 1986 का संविधान अधिनियम और ऐतिहासिक वैतांगी की संधि सबसे प्रमुख हैं। यही दस्तावेज देश के राजनीतिक और कानूनी सिस्टम का आधार हैं।
कनाडा
कनाडा की व्यवस्था थोड़ी अलग है। यहां कुछ संवैधानिक कानून लिखित रूप में मौजूद हैं लेकिन, देश मुख्य रूप से राजनीतिक परंपराओं का पालन करता है जो, ब्रिटिश सिस्टम से ली गई हैं। इस तरह कनाडा कानूनी और पारंपरिक दोनों व्यवस्थाओं को एक साथ लेकर चलता है।
सऊदी अरब
कई अन्य लोकतांत्रिक देशों की तरह सऊदी अरब में भी कोई लिखित संविधान नहीं है। वहां पूरी तरह से राजशाही शासन है। इस देश का संविधान कुरान और पैगंबर मुहम्मद द्वारा बताए गए सिद्धांतों पर आधारित है।
अब सवाल यह उठता है कि, बिना लिखित संविधान के इन देशों की सरकारें, अदालतें और कानूनी ढांचा इतने अच्छे से कैसे काम करते हैं। इसका जवाब यह है कि, ये देश अपनी मजबूत परंपराओं, संसद में पास होने वाले कानूनों और अदालतों के पुराने फैसलों पर डिपेंड रहते हैं।
कुछ जानकारों का मानना है कि, अनकोडिफाइड संविधान होने से कानूनी व्यवस्था ज्यादा लचीली हो जाती है और समय के साथ बदलाव करना आसान होता है। वहीं कुछ विद्वानों का यह भी कहना है कि, विवाद की स्थिति में एक लिखित संविधान ज्यादा सुरक्षा और स्पष्टता देता है।