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IPS Jagmohan Meena : IIT कानपुर से की थी पढ़ाई, पहली बार में ही पास की थी UPSC की परीक्षा

Who Is IPS Jagmohan Meena: ओडिशा कैडर के IPS और भुवनेश्वर के DCP जगमोहन मीणा का इस्तीफा इस समय काफी चर्चा में है। जानिए कौन हैं आईपीएस जगमोहन मीणा जिन्होंने 13 साल की नौकरी को दिया विराम...
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Jul 10, 2026
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IPS Jagmohan Meena (Photo: Social Media)

IPS Jagmohan Meena Biography: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में DCP पद पर तैनात IPS अधिकारी जगमोहन मीणा का इस्तीफा इस समय पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आइए जानते हैं कि 13 साल की शानदार सेवा के बाद अचानक ड्रीम जॉब छोड़ने वाले जगमोहन मीणा कौन हैं और उन्होंने कौनसी रैंक हासिल की थी?

कौन हैं IPS जगमोहन मीणा?

जगमोहन मीणा मूल रूप से अलवर के रैणी तहसील के प्रागपुरा गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म वर्ष 1989 में हुआ था वर्तमान में उनकी उम्र 37 साल है। उनका शुरुआती जीवन राजस्थान की माटी में ही बीता। पढ़ाई में हमेशा से अव्वल रहने वाले जगमोहन ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान IIT में दाखिला लिया और वहां से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की।

IIT के बाद चुनी सिविल सेवा की राह

इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद जगमोहन मीणा ने प्राइवेट नौकरी के बजाय देश की सेवा करने का मन बनाया। आईपीएस जगमोहन मीणा ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से पढ़ाई की है। उन्होंने यहां से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स (M.Tech) की डिग्री पूरी की है। उन्होंने पूरे समर्पण के साथ UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत उन्होंने साल 2012 की सिविल सेवा परीक्षा में 849वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुना गया और ओडिशा कैडर आवंटित किया गया। वे 2013 बैच के होनहार आईपीएस अधिकारी हैं।

पुलिस सेवा में शानदार रहा करियर

अपने 13 साल के पुलिस करियर में जगमोहन मीणा ने कई चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां बेहद सफलतापूर्वक निभाईं। उनके करियर का सबसे चर्चित दौर साल 2019 में रहा जब वे ओडिशा के घोर नक्सल प्रभावित जिले मलकानगिरी के पुलिस अधीक्षक (SP) बनाए गए थे। वहां रहते हुए उन्होंने कई बड़े और सफल माओवादी विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया जिसके लिए पूरे देश में उनकी सराहना हुई। मलकानगिरी के अलावा वे अंगुल और गंजाम जैसे संवेदनशील जिलों के SP भी रहे और बाद में कटक के DCP की जिम्मेदारी संभाली।

हासिल किए कई बड़े पदक

पुलिस सेवा में अदम्य साहस, कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण और कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए आईपीएस जगमोहन मीणा को कई प्रतिष्ठित पदकों से नवाजा जा चुका है। मलकानगिरी में उनके साहसिक अभियानों को देखते हुए उन्हें वर्ष 2019 में पुलिस वीरता पदक प्रदान किया गया था। इसके बाद वर्ष 2021 में उन्हें पुलिस आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक और वर्ष 2023 में राज्यपाल पदक से भी सम्मानित किया गया।

इस्तीफा क्यों बना है चर्चा का विषय

जगमोहन मीणा का पुलिस करियर बेदाग और उपलब्धियों से भरा रहा है। ऐसे में महज 37 साल की उम्र और 13 साल की सेवा के बाद उनका इस्तीफा देना हर किसी को हैरान कर रहा है। हाल ही में हुई GRP कांस्टेबल की मॉब लिंचिंग की घटना के बाद उनके इस कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि मीणा ने अपने इस्तीफे का कारण पूरी तरह से व्यक्तिगत बताया है और लोगों से अपनी निजता का सम्मान करने की अपील की है। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि वह अब पुलिस की वर्दी छोड़कर कॉर्पोरेट या निजी क्षेत्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रहे हैं।

जनता और राज्य सरकार को कहा धन्यवाद

इस्तीफे की अर्जी देने के बाद जगमोहन मीणा ने ओडिशा की जनता और राज्य सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया। अपने भावुक संदेश में उन्होंने कहा कि अहम जिलों की जिम्मेदारी सौंपकर उन पर जो भरोसा जताया गया उसके लिए वह हमेशा सरकार के आभारी रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओडिशा राज्य और यहां के लोगों की सेवा करना उनके लिए हमेशा से गर्व की बात रही है।