चुनाव

UP assembly election 202: योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध छात्र राजनीति से निकलीं जनवादी कवि चेतना, कांग्रेस उम्मीदवार

UP assembly election 202 का चुनाव अब अपने चरम पर है। गुरुवार 10 फरवरी को जहां एक तरफ पहले चरण के लिए मतदान चल रहा है तो छठवें व सातवें चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है। इस बीच कांग्रेस ने अपनी एक और सूची जारी की है जिसमें गोरखपुर शहर से योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध छात्रराजनीति से निकलीं जनवादी कवि चेतना पांडेय को मैदान में उतारा है। प्रस्तुत है पत्रिका की चेतना से खास बातचीत...

3 min read
Feb 10, 2022
योगी आदित्यनाथ और चेतना पांडेय

वाराणसी. UP assembly election 202 अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। एक ओर जहां से गुरुवार 10 फरवरी को पहले चरण के लिए मतदान चल रहा है वहीं छठवें व सातवें चरण के मतदान के लिए नामांकन पत्र भरे जा रहे हैं। इस बीच कांग्रेस ने एक और सूची जारी की है प्रत्याशियों की। इसमें गोरखपुर शहर से चेतना पांडेय को प्रत्याशी बनाया गया है। पत्रिका ने चेतना से की खास बातचीत, प्रस्तुत हैं बातचीत के संपादित अंश..

2005-06 में गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ उपाध्यक्ष रहीं
चेतना पांडेय मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। उनके पिता राम दत्त पांडेय, सेवा निवृत्त वाणिज्य अधीक्षक, रेलवे रहे। माता गृहणी रहीं। चेतना 2005-06 में गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। यही नहीं वो जनवादी कवि भी हैं और राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रस्तुति देती रही हैं। इस तरह से कहा जा सकता है कि राजनीति उन्हें विरासत में नहीं मिली है।

2019 में आईं सक्रिय राजनीति में
चेतना ने बताया कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की। बताती हैं कि कांग्रेस की विचारधारा से प्रभावित हो कर ही इसे चुना। चेतना के मुताबिक कांग्रेस ही अकेली पार्टी है जिसे आमजन की पार्टी कहा जा सकता है। यहां कोई घराना, जाति-धर्म से कोई सरोकार नहीं है।

प्रियंका गांधी से हुई प्रभावित
चेतना का कहना है कि कांग्रेस की विचारधारा से तो प्रभावित हुई ही साथ में 2019 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रियंका गांधी वाड्रा के सक्रिय राजनीति में आने के बाद उनकी बातों, उनके विचारों ने काफी प्रभावित किया। उनका महिलाओं के लिए, युवाओं के लिए लड़ना। हर कमजोर तबके की मदद को आगे आना मुझे भाता है। ये भी एक बड़ा कारण है कांग्रेस में आने का।

योगी को देंगे कड़ा मुकाबला

कांग्रेस प्रत्यासी चेतना पांडेय कहती हैं कि मैं एक साधारण परिवार से आती हूं। मेरे पास न तो किसी मठ-मंदिर की विरासत है न मेरे परिवार में कोई राजनीतिक रहा। ऐसे में अपने और कांग्रेस के विचारों के साथ राजनीति के मैदान में उतरी हूं। जहां तक योगी आदित्यनाथ का सवाल है तो वो गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं और पिछले चुनाव के बाद उन्हें यूपी का मुख्यमंत्री बनाया गया। इससे पहले वो गोरखुपर के सांसद रहे। वहीं जहां तक सवाल सपा प्रत्याशी का है तो वो भी एक राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखती हैं। वो मेरी मां की उम्र की हैं उनका मैं तहे दिल से सम्मान करती हूं। जहां तक एक प्रत्याशी की बात है तो सुभावती शुक्ला, महज स्व. उपेंद्र दत्त शुक्ल की पत्नी हैं। वो उपेंद्र दत्त जिन्होंने बीजेपी के लिए काम किया। ऐसे में मैं ये कह सकती हूं कि इन दोनों ही प्रत्याशियों के विरुद्ध अच्छा मुकाबला करूंगी। जिन लोगों ने मुझ पर भरोसा जताया है उन्हें निराश नहीं करूंगी। बाकी 10 मार्च को सामने आ ही जाएगा।

11 फरवरी को नामांकन पत्र दाखिला

चेतना ने बताया कि शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिले का अंतिम दिन है। ऐसे में अब 11 फरवरी शुक्रवार को ही नामांकन पत्र दाखिल करूंगी।

गोरखपुर शहर के वोटर
गोरखपुर सदर सीट पर करीब 4.50 लाख वोटर हैं, जिनमे सबसे अधिक कायस्थ वोटर की संख्या है। यहां कायस्थ 95 हजार, ब्राहम्ण 55 हजार, मुस्लिम 50 हजार, क्षत्रिय 25 हजार, वैश्य 45 हजार, निषाद 25 हजार, यादव 25 हजार, दलित 20 हजार इसके अलावा पंजाबी, सिंधी, बंगाली और सैनी कुल मिलाकर करीब 30 हजार वोटर हैं। लेकिन सभी जातियों के वोटर चुनाव में जाति को देखकर नहीं बल्कि गोरखनाथ मंदिर यानी योगी आदित्यनाथ के नाम पर वोट देते हैं।

Published on:
10 Feb 2022 03:42 pm
Also Read
View All