Uttar Pradesh Assembly Election 2022 प्रतापगढ़ के कुंडा विधायक और जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, सुभाष सिंह और गोपाल केसरवानी समेत 18 पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मुकदमा समाजवादी पार्टी के बूथ एजेंट रैयापुर निवासी राकेश पासी ने दर्ज करवाया है। कुंडा थाने में दर्ज एफआईआर में सपा एजेंट ने राजा भैया पर जातिसूचक गाली, जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है।
यूपी विधानसभा चुनाव में प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीट रेड अलर्ट में शामिल थी। और पांचवें चरण की वोटिंग में चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की शंका सत्य साबित हुई। कुंडा सीट से राजा भैया को चुनौती दे रहे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी गुलशन यादव से चुनाव के दौरान मारपीट हुई। जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रतापगढ़ के कुंडा विधायक और जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, सुभाष सिंह और गोपाल केसरवानी समेत 18 पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मुकदमा समाजवादी पार्टी के बूथ एजेंट रैयापुर निवासी राकेश पासी ने दर्ज करवाया है। कुंडा थाने में दर्ज एफआईआर में सपा एजेंट ने राजा भैया पर जातिसूचक गाली, जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है।
सपा ने की बूथ कैप्चरिंग की शिकायत
दरअसल कुंडा से राजा भैया को सपा प्रत्याशी गुलशन यादव चुनौती दे रहे हैं। रविवार को वोटिंग के दिन सपा और राजा भैया के समर्थक कई बार आमने-सामने आए। इसके बाद सपा ने चुनाव आयोग से कुंडा में फर्जी वोटिंग की शिकायत की थी। साथ ही सपा ने कुंडा की बूथ संख्या 213 और 214 में बूथ कैप्चरिंग की शिकायत भी की थी।
गुलशन यादव से मारपीट का आरोप
कुंडा विधानसभा सीट पर वोटिंग के दौरान सपा प्रत्याशी गुलशन यादव के काफिले पर हमले का मामला सामने आया था। सपा का आरोप है कि पहाड़पुर के पास काफिले पर हमला हुआ था।
राजा भैया के सियासी वर्चस्व को चुनौती
चुनाव 2022 में राजा भैया के लिए सियासी वर्चस्व को बनाए रखने की चुनौती है। राजा भैया चुनाव 1993 से लगातार कुंडा सीट से निर्दलीय विधायक चुने जा रहे हैं। इस बार राजा भैया और समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव संग अदावत सबके सामने है। भाजपा, सपा और बसपा सभी इस बार राजा भैया को घेरने में जुटे हैं।
सपा, भाजपा, बसपा ने इस बार राजा भैया को घेरा
करीब डेढ़ दशक के बाद सपा ने उनके खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारा है। सपा ने गुलशन यादव को प्रत्याशी बनाया है। गुलशन यादव कभी राजा भैया के बेहद करीबी रहे हैं। भाजपा ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए सिंधुजा मिश्रा को उतारा है तो बसपा ने मोहम्मद फहीम के जरिए मुस्लिम दांव खेला है।