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Kerala Assembly Elections 2021 – चुनावों की घोषणा के साथ ही बढ़ी ग्राफिटी आर्टिस्ट्स की मांग

Kerala Assembly Elections 2021 - केरल विधानसभा चुनावों में राजनीतिक पार्टियां अपने प्रचार-प्रसार के लिए प्लास्टिक फ्लैक्स के बजाय ग्राफिटी को ज्यादा महत्व दे रही हैं।
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Updated: 20 Mar 2021, 1:31 PM IST
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Kerala Assembly Elections 2021 - विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही राज्य में ग्राफिटी (दीवारों पर पेटिंग और डिजाईन्स) बनाने वाले आर्टिस्ट्स की डिमांड एकदम से बढ़ गई है। पूरे देश के एकमात्र सौ फीसदी साक्षर राज्य केरल की जनता पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखती है, यही कारण है कि चुनावों में प्लास्टिक फ्लैक्स के बजाय रोड़ की दीवारों और बिल्डिंग्स पर पेंटिंग्स बना कर राजनीतिक पार्टियों का चुनाव प्रचार किया जा रहा है।

चुनावों की घोषणा के पहले ही बुकिंग हो गई थी शुरु
ग्राफिटी का काम करने वाले कारीगर आज भी पुरानी ही तरह के कैलिग्राफी फोंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, पुरानी तकनीकों पर ही काम कर रहे हैं। आमतौर पर केरल विधानसभा चुनावों की घोषणा के पहले ही लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों ने ऐसे पेंटर्स को हायर कर लिया था। चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही सभी पेंटर अपनी-अपनी तैयारियों में लग गए। जैसे-जैसे उम्मीदवार अपना नामांकन दर्ज कराते गए, उनके प्रचार-प्रसार का सिलसिला बढ़ता गया।

जानकारों के अनुसार एक टीम दिन भर में एक-दो से लेकर कई ग्राफिटी तक बना लेती है। आम तौर पर ऐसी एक टीम में एक पेंटर, एक सहायक और एक ऑटो या लोडिंग व्हीकल होता है। ऐसी कई दर्जन टीमें इस वक्त पूरे केरल में अलग-अलग पार्टियों के लिए दीवारों को रंगने का काम कर रही हैं।

प्लास्टिक फ्लैक्स की तुलना में महंगा है लेकिन बढ़िया है
एक्सपर्ट्स के अनुसार प्लास्टिक फ्लैक्स को लगाने के बाद उनकी सुरक्षा करना एक बड़ी जिम्मेदारी का काम है। कई बार दूसरे लोग उन्हें हटा कर फाड़ देते हैं परन्तु ग्राफिटी के साथ ऐसा नहीं होता है। यह स्थाई रूप से होता है और इसे मिटाना भी इतना आसान नहीं होता। सबसे बड़ा बात यह नीचे की दीवारों पर होने के कारण बड़ी आसानी से आंखों को नजर आते हैं और दिमाग में कुछ देर तक रहते हैं जबकि विनायल फ्लैक्स को हम इस तरह जमीन पर प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग नहीं कर सकते।

हेल्थ का भी रखना होता है ध्यान
एक ग्राफिटी बनाने में कई बार पूरा दिन लग सकता है। ऐसे में तेज धूप, गर्म हवा और खराब मौसम से जूझना होता है। इसके लिए सभी कारीगर सावधानी बरतते हैं और अपने आप को मौसम की मार से बचाने के लिए यथासंभव उपायों को आजमाते हैं।

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