बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर ममता बनर्जी की पार्टी को सरकार बनाने के लिए सीटें कम पड़ती हैं, तो कांग्रेस उनकी किसी भी तरह की मदद नहीं करेगी।
नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections 2021) अभी चार चरणों की वोटिंग बाकी है, मगर राजनीतिक दलों में इस बात को लेकर घमासान शुरू हो गया है कि सत्ता में कौन आएगा और कौन नहीं। सभी दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस को खंडित जनादेश मिलने पर कांग्रेस उनकी सरकार बनाने में कोई मदद नहीं करेगी।
ममता बनर्जी पर बंगाल चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप
अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर बंगाल चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। चौधरी ने दावा किया कि सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें नहीं होने पर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा हाथ मिला सकते हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और सांप्रदायिक राजनीति ममता के कारण ही बंगाल में पैर जमा सके, इसलिए चुनाव बाद बहुमत नहीं मिलने की दशा में तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देने का कोई सवाल ही नहीं है।
तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं
अधीर रंजन चौधरी ने यह भी कहा कि इसी तरह कांग्रेस-वाममोर्चा और आईएसएफ का संयुक्त मोर्चा की ओर से सरकार बनाने के लिए ममता बनर्जी से समर्थन मांगने की संभावना भी नहीं है। चुनाव के बाद बहुमत के आंकड़े से पीछे रहने की स्थिति में तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा।
तृणमूल और भाजपा दोनों खुद हाथ मिलाकर साथ आ जाएंगे!
तृणमूल से इस दूरी के कारण भाजपा को फायदा पहुंचने की स्थिति में चौधरी ने कहा कि ऐसी स्थिति में तृणमूल और भाजपा दोनों खुद हाथ मिलाकर साथ आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि जैसे पुरानी शराब का स्वाद बढ़ जाता है, वैसे ही पुराने दोस्त विश्वासपात्र होते हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा गठबंधन में पहले भी सहयोगी रह चुके हैं। ये दोनों दल बाद में हाथ मिला लेंगे। ये दोनों दल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।