भाजपा ने बिधूना विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक विनय शाक्य के पाला बदलकर समाजवादी पार्टी में जाने के बाद उनकी 25 वर्षीय बेटी रिया शाक्य को मैदान में उतारा है। राजनीति में बिना किसी अनुभव के रिया शाक्य पहले चुनाव में कदम रखेंगी। रिया अब तक घोषित प्रत्याशियों में सबसे कम उम्र की प्रत्याशी हैं।
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को अपने उम्मीदवारों की एक और लिस्ट जारी कर दी है, जिसके 85 प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है। लेकिन बीजेपी की इस लिस्ट में एक नाम ऐसा भी शामिल है, जो इन दिनों चर्चा में हैं। भाजपा ने बिधूना विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक विनय शाक्य के पाला बदलकर समाजवादी पार्टी में जाने के बाद उनकी 25 वर्षीय बेटी रिया शाक्य को मैदान में उतारा है। राजनीति में बिना किसी अनुभव के रिया शाक्य पहले चुनाव में कदम रखेंगी। रिया अब तक घोषित प्रत्याशियों में सबसे कम उम्र की प्रत्याशी हैं।
रिया को बीजेपी ने औरैया की बिधूना सीट से टिकट दिया है। हाल ही में रिया तब सुर्खियों में आई थीं, जब बिधूना सीट से उनके पिता व बीजेपी विधायक विनय शाक्य भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए। रिया ने इससे जुड़ा एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपने चाचा देवेश शाक्य और दादी पर आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि उनके पिता अपनी मर्जी से सपा में नहीं गए, बल्कि उनके चाचा ने जबरन उनसे पाला बदलवाया है। अब जबकि भाजपा ने रिया शाक्य को टिकट दिया है, तो इस सीट पर पिता बनाम बेटी मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
25 वर्ष की हैं रिया
25 वर्षीय रिया शाक्य ने देहरादून के बोर्डिंग स्कूल से पढ़ाई की है। पुणे के सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी से डिजाइन की पढ़ाई की है। उन्होंने यूजर एक्सपीरियंस डिजाइन में स्पेशलाइजेशन कर रखा है। रिया इसे अपना सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट मानती हैं। उनका कहना है कि इस कोर्स के जरिये वह यहां के लोगों को इसका लाभ पहुंचाएंगी। रिया का कहना है, 'बिधूना की जनता की सेवा करने में अपनी पढ़ाई से मिले सबक को लगाऊंगी।'
पिता चाहते थे राजनीति में आऊं- रिया शाक्य
बता दें कि रिया को उनके पिता की जगह पर टिकट मिला है पर रिया की उनके पिता से टिकट मिलने के बाद कोई बात नहीं हुई है। रिया का कहना है कि उनके पिता की इच्छा थी कि वह राजनीति में आएं। उधर, औरैया में मीडिया से बातचीत करते हुए रिया ने कहा कि उनके पिता की तबीयत ठीक नहीं रहती। विनय शाक्य को 2018 में ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, इसके बाद से उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती। उन्हें लखनऊ के एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था। रिया के मुताबिक उनके पिता स्पष्ट रूप से बोल नहीं पाते और ऑपरेशन के बाद उनके सोचने की शक्ति भी कम हो गई है। चाचा देवेश शाक्य पर वीडियो के जरिये आरोप लगाते हुए रिया ने योगी सरकार से अपील की थी उनके पिता को वापस लिया जाए।