Uttar Pradesh Assembly Election 2022 लखनऊ में आयोजत एक कार्यक्रम में यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक रोने लगे। कानून मंत्री बृजेश पाठक को की आंखों में आशू देख कार्यक्रम में मौजूत लोगों थोड़ी देर के लिए चुप हो गए। कार्यक्रम में बृजेश पाठक अपने पिता सुरेश पाठक को याद करते हुए भावुक हो गए थे। जिसके बाद कुछ देर के लिए कार्यक्रम शांत पड़ गया। हालांकि मंत्री को खुद को संभाला व उसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए भाजपा के लिए वोट मांगे।
Uttar Pradesh Assembly Election 2022 विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। सभी नेता अपने क्षेत्र में जनता को लुभाने के लिए जनसंपर्क कर रहे हैं। इन दिनों राजधानी लखनऊ की कैंट विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए गए कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक भी जनसभाएं कर रहे हैं। इसी बीच आलमबाग स्थित रेलवे कारखाने में प्रभुनाथ राय की जनसभा को संबोधित करते हुए बृजेश पाठक भावुक हो गए। जिसके बाद थोड़ी देर तक कार्यक्रम में बैठे लोग शांत हो गए। बृजेश पाठक की आंखों में आंसू देख कार्यक्रम में मौजूद कई अन्य लोग भी भावुक हो गए।
नीरज मिश्रा के संबोधन में मंत्री को किया भावुक
आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष नीरज मिश्रा द्वारा की जा रही थी। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए नीरज मिश्रा ने बृजेश पाठक को लेकर तमाम बातें कहीं। इस दौरान नीरज मिश्रा ने बृजेश पाठक के पिता को लेकर भी तमाम बातें कहीं। एक किस्से का जिक्र करते हुए नीरज मिश्रा ने बताया कि उनके पास पढ़ाई के लिए फीस नहीं हुआ करते थे तब बृजेश पाठक के पिता सुरेश पाठक ने उनकी मदद की। अगर उन्होंने मदद नहीं की होती तो शायद आज नीरज पाठक जिस स्थान पर हैं वहां पर नहीं पहुंच पाते। नीरज किया बातें सुनने के बाद बृजेश पाठक जब मंच पर पहुंचे तो अपने पिता की याद में वह भी भावुक हो गए।
मंच भर भर आईं आखें
मंच पर पहुंचने के बाद बृजेश पाठक की आंखों में आंसू भर गए। हालांकि, कुछ देर चुप रहने के बाद बृजेश पाठक ने अपने आप को संभाला और उसके बाद कार्यक्रम में बैठे लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान बृजेश पाठक ने विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए वोट मांगे और उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनाने का दावा किया। इस दौरान पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनना सौ प्रतिशत तय है।