एक बार फिर वरुण गांधी के बयान के बाद भाजपा असमंजस में आ गई। पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने कहाकि, रात में कर्फ्यू लगाना और दिन में रैलियों में लाखों को बुलाना, समझ से परे। रात में कर्फ्यू लगाना और दिन में रैलियों में लाखों लोगों को बुलाना- यह सामान्य जनमानस की समझ से परे है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू लगा दिया है। भाजपा सांसद वरुण गांधी ने रात में लगाये गये कर्फ्यू पर सवाल खड़ा किया है। एक बार फिर वरुण गांधी के बयान के बाद भाजपा असमंजस में आ गई। पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने कहाकि, रात में कर्फ्यू लगाना और दिन में रैलियों में लाखों को बुलाना, समझ से परे। रात में कर्फ्यू लगाना और दिन में रैलियों में लाखों लोगों को बुलाना– यह सामान्य जनमानस की समझ से परे है।
यूपी में कोरोनावायरस गाइडलाइन
यूपी में कोरोनावायरस गाइडलाइन के अनुसार, यूपी में 25 दिसंबर से शादियों व अन्य सार्वजनिक आयोजनों में 200 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की इजाजत नहीं है।
इससे पहले भी खड़े किये हैं सवाल
वरुण गांधी यूपी की पीलीभीत लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हैं। कई मौकों पर देखा गया है कि वो पार्टी लाइन से अलग बयान देते रहते हैं। किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने किसानों के समर्थन में अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने किसानों की मांगों को केंद्र के सामने रखते हुए एमएसपी गारंटी कानून की बात कही थी।
लाखों की जाएगी नौकरी
हाल ही में भाजपा सांसद वरुण गांधी ने बैंक कर्मचारियों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की थी। उन्होंने बरेली में कहा था कि अगर बैंकों का निजीकरण होगा तो फिर 8-10 लाख लोगों की नौकरी चली जाएगी।
बच्चों को कौन रोजगार देगा?
बरेली में वरुण गांधी ने कहा था, 40 से 45 साल के उम्र में बैंककर्मियों को फिर से कौन ट्रेनिंग देगा? उन्हें फिर से कौन जॉब कौन देगा? उनके बच्चों को कौन खिलाएगा? वरुण गांधी ने कहा अगर एमटीएनएल, बीएसएनएल, एयरपोर्ट और एयरलाइंस बिक गए तो आम आदमी के बच्चों को कौन रोजगार देगा?
नेता भी मास्क में नजर नहीं आ रहे
देश-प्रदेश में हर रोज कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। यूपी चुनाव के कारण राजनेता दिन में हर रोज हजारों लाखों लोगों को बुलाकर रैलियां कर रहे हैं। इस भीड़ में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ रही हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कोई नजर नहीं आता। वहीं, जनता तो जनता नेता भी मास्क में नजर नहीं आ रहे हैं।