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West Bengal Assembly Election 2021: भाजपा में टिकट बंटवारे पर घमासान, पार्टी ने बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाया

West Bengal Assembly Election 2020 के बीच BJP में टिकट बंटवारे को लेकर विवाद BJP नेतृत्व ने तुरंत West Bengal के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया है  

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West Bengal Assembly Election 2021: भाजपा में टिकट बंटवारे पर घमासान, पार्टी ने बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाया

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 ( Bengal Vidhaan Sabha Chunaav 2021 ) के लिए प्रचार के बीच भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) में टिकट बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व ने तुरंत राज्य के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया है। बुधवार को होने वाली कोर ग्रुप की बैठक के बाद इन नेताओं से बात की जाएगी। सूत्रों के अनुसार पार्टी हाईकमान ने बंगाल भाजपा के सभी बड़े नेताओं को रात को ही फ्लाइट से दिल्ली पहुंचने को कहा है। जानकारों की मानें तो भाजपा की ओर जारी उम्मीदवारों की सूची के बाद पार्टी में रार जैसे हालात बन गए हैं, जिसके चलते पार्टी नेतृत्व को यह कदम उठाना पड़ा है।

पश्चिम बंगाल में 200 से ज्यादा सीट जीतने का दावा

आपको बता दें कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार की जड़ें उखाडऩे के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और स्मृति ईरानी से लेकर पार्टी के बड़े-बड़े बंगाल में अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं। भाजपा ने इस बार पश्चिम बंगाल में 200 से ज्यादा सीट जीतने का दावा किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी ने मां, माटी और मानुष केे नाम पर बंगाल के लोगों छल किया है। यही वजह है कि यहां जनता अब असल परिवर्तन चाहती है। वहीं, ममता बनर्जी ने भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए 'खेला होबे' का नारा दिया है।

इन नेताओं को बुलाया दिल्ली

भाजपा सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व ने जिन नेताओं को दिल्ली बुलाया है उनमें मुकुल रॉय और दिलीप घोष आदि नेता शामिल हैं। सियासी गलियारों में तो यहां तक चर्चा है कि भाजपा इन दोनों ही नेताओं को बतौर उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है। गौरतलब है कि बंगाल भाजपा में अन्य दल छोड़कर आए और पार्टी के पुराने नेताओं के बीच शुरू हुई तकरार अब खुलकर सामने आई गई है। चुनाव में टिकट न मिलने से कुछ नेता काफी हाईकमान से नाराज हो गए हैं। यहां तक कि कई नेता तो पार्टी के ही खिलाफ धरना प्रदर्शन पर उतारू हो गए हैं। आलम यह है कि पिछले दिनों भाजपा में शामिल हुए सोवन चट्टोपाध्याय और बैसाखी बंदोपाध्याय ने भी टिकट न मिलने के चलते पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। आपको बता दे कि BJP ने बेहाला पूर्व सीट से उनके स्थान पर पायल सरकार को उम्मीदवार बनाया है।

उत्तरी बंगाल में विरोध शुरू

चट्टोपाध्याय ने बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को भेजे अपने इस्तीफे में आरोप लगाया है कि उनको पार्टी में सम्मान नहीं मिला है। वहीं, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा से भाजपा में शामिल हुए बिशाल लामा को कालचिनी से टिकट दिए जाने पर उत्तरी बंगाल में विरोध शुरू हो गया है। कुछ ऐसा ही हाल अलीपुरदुआर सीट का भी है। यहां से पार्टी ने भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ी को टिकट दिया है। भाजपा के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए एक नेता ने कहा कि आखिर लाहिड़ी को टिकट क्यों दिया गया है। हुगली जिले के सिंगुर से भी रबींद्रनाथ भट्टाचार्य को प्रत्याशी बनाने पर स्थानीय नेताओं में काफी नाराजगी है। भट्टाचार्य हाल ही टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं।

आपको बता दें कि भाजपा ने चुनाव ( West Bengal Assembly Elections 2021 ) में तीसरे और चौथे चरण के तहत 75 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए 63 उम्मीदवारों की सूची जारी की है।

Updated on:
16 Mar 2021 09:50 pm
Published on:
16 Mar 2021 09:33 pm
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