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West Bengal Assembly Elections 2021: चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों को दिया झटका, प्रचार करने की अवधि घटाई

West Bengal Assembly Elections 2021: चुनाव आयोग ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनावी प्रचार के समय को सीमित कर दिया गया है। अब बाकी के बचे तीन चरणों के लिए शाम 7 बजे से सुबह 10 बजे तक चुनाव प्रचार नहीं होगा।
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Updated: 16 Apr 2021, 8:43 PM IST
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West Bengal Assembly Elections 2021: Election Commission reduced deadline to campaign

कोलकाता।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 ( West Bengal Assembly Elections 2021 ) के लिए पहले चार चरण के मतदान समाप्त हो चुके हैं। बाकी के बचे चार चरणों के मतदान के लिए सभी पार्टियां जोर-शोर के साथ चुनाव प्रचार में जुटी हैं। इस बीच, मतदाताओं को रिझाने में जुटी सभी पार्टियों को चुनाव आयोग ने बड़ा झटका दिया है।

दरअसल, देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। वहीं, बंगाल में भी कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चर्चा के लिए शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई।

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इस बैठक में चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रचार करने की समयसीमा को घटा दी है। चुनाव आयोग ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनावी प्रचार के समय को सीमित कर दिया गया है। अब बाकी के बचे तीन चरणों के लिए शाम 7 बजे से सुबह 10 बजे तक चुनाव प्रचार नहीं होगा।

इसके अलावा, मतदान के पहले प्रचार का शोर थमने की अवधि भी बढ़ा दी गई है। यानी अब मतदान से पूर्व 48 घंटे की जगह अब 72 घंटे पहले (तीन दिन पहले) प्रचार थम जाएगा। बता दें कि चुनाव आयोग ने कोलकाता के सर्किट हाउस में कोरोना महामारी पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में कई निर्णय लिए गए। बता दें कि बैठक में लिए गए फैसले शनिवार को होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण के मतदान के बाद बाकी के बचे तीन चरणों में लागू होंगे।

कोरोना नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

चुनाव आयोग ने बैठक ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कहा कि प्रचार-प्रसार के दौरान प्रत्याशियों और सभी दलों को कोरोना प्रॉटोकॉल का पालन करना होगा। यदि किसी ने नहीं किया और नियमों का उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर आपराधिक केस भी दर्ज हो सकता है।

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि किसी भी रैली या जनसभा में शामिल होने वाले सभी लोगों को मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध कराना आयोजक की जिम्मेदारी होगी। इसका खर्च प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा। आयोग ने स्पष्ट कहा कि चुनाव खर्च तय सीमा में ही होना चाहिए।

इसके अलावा चुनाव आयोग ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि प्रचार के दौरान सभा या रैली में शामिल सभी दलों के नेताओं, प्रचारकों और प्रत्याशियों को मास्क पहनना अनिवार्य है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना जरूरी है। ताकि आम लोगों के लिए उदाहरण पेश किया जा सके।

टीएमसी ने फैसले पर उठाए सवाल

चुनाव आयोग के इस फैसले पर टीमएमसी ने सवाल खड़े किए हैं। टीएमसी नेता और सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि आज अंपायर (चुनाव आयोग) ने शाम 7 बजे से 10 बजे तक कोई प्रचार नहीं करेगा। यह दिल्ली के लुटियंस बंगलों में रहने वालों के लिए बहुत उपयुक्त है, क्योंकि दिल्ली में नाश्ता किया और कोलकाता के लिए उड़ान भरी.. गर्मी में कुछ मीटिंग की और फिर वापस चले गए। COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में वे लोगों अब एक्सपोज हो गए हैं।

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