चुनाव

Explainer: चुनाव में नामांकन के दौरान उम्मीदवार को किस बात की लेनी होती है शपथ? प्रत्याशी को किस बारे में रखनी चाहिए सावधानी?

Assembly Election 2023: भारत में चुनाव में नामांकन के दौरान हर उम्मीदवार को संविधान की तीसरी अनुसूची के तहत शपथ दिलाई जाती है। उन्हें संविधान के प्रति सच्ची आस्था और अखंडता की शपथ दिलाई जाती है।

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nomination in election

Assembly Election 2023: देश के पांच राज्यों में आगामी नवंबर माह में विधानसभा का चुनाव कराया जा रहा है। इन चुनावों में भाग लेने वाले हर उम्मीदवार को नामांकन के दौरान शपथ दिलाई जाती है। संविधान के अनुच्छेद 84 और 173 के अनुसार, एक उम्मीदवार को संविधान की तीसरी अनुसूची के तहत निर्धारित प्रपत्र में इस आशय की शपथ लेनी और हस्ताक्षर करना आवश्यक है कि उसे संविधान में सच्ची आस्था और अखंडता है और वह भारत की संप्रभुता और एकता का समर्थन करता है। ऐसी शपथ नामांकन दाखिल करने के बाद और किसी भी स्थिति में जांच की तारीख से पहले की जानी आवश्यक है। इसका मतलब है कि नामांकन दाखिल करने के बाद और जांच की तारीख से एक दिन पहले ऐसी शपथ ली जानी चाहिए।


सावधानीपूर्वक करनी चाहिए प्रत्याशी को घोषणा

उम्मीदवार को अपने नामांकन पत्र भरते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए। प्रत्याशी को अपने नामांकन पत्र में अपनी सही आयु बताना चाहिए। यदि उम्मीदवार किसी राजनीतिक दल द्वारा खड़ा किया गया है तो उसे यह घोषणा करना होगा कि वह किस राजनीतिक दल द्वारा खड़ा किया गया है तथा उसे अपने नामांकन पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख करना चाहिए। यदि प्रत्याशी स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे ऐसी घोषणा करने की आवश्यकता नहीं है। नामांकन पत्र में उनके नाम की सही वर्तनी ध्यानपूर्वक लिखना चाहिए।

रिटर्निंग अधिकारी जरूर लें नामांकन पत्र रसीद

रिटर्निंग अधिकारी को नामांकन पत्र प्राप्त होते ही उसकी प्राप्ति की सूचना देनी होगी। नामांकन पत्र की प्राप्ति के साथ रिटर्निंग अधिकारी को उम्मीदवार को नोटिस देकर सूचित करना होगा कि नामांकन पत्र की जांच किस तारीख, समय और स्थान पर होगी और यह सलाह दी जाती है कि उम्मीदवार रिटर्निंग अधिकारी से ऐसी रसीद और नोटिस प्राप्त कर लें।

Published on:
26 Oct 2023 10:12 pm
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