इलेक्ट्रिक कार की लोकप्रियता और डिमांड तेज़ी से दुनिया में बढ़ रही है। इन गाड़ियों के कई फायदे हैं। तो दूसरी तरफ इनके कुछ नुकसान भी हैं। ऐसे में इनके फायदों के साथ इनके नुकसान के बारे में भी जानना ज़रूरी है।
पेट्रोल-डीज़ल की ऊँची कीमतों से दुनियाभर के लोग परेशान हैं। इस वजह से एक बड़े वर्ग के लोगों ने पेट्रोल-डीज़ल से चलने वाले व्हीकल्स को छोड़ कर इनके सब्स्टीट्यूट की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। इन व्हीकल्स के तौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स काफी लोकप्रिय हो रहे हैं और इनकी डिमांड भी बढ़ रही हैं। भारत में सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की खरीद पर प्रोत्साहन भी दिया जाता है। ऐसे में आने वाले समय में रोड पर इलेक्ट्रिक कार की संख्या भी बढ़ने वाली है। इन इलेक्ट्रिक गाड़ियों के कई फायदे होते हैं। पर जिस तरह एक सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी तरह इलेक्ट्रिक गाड़ियों के नुकसान भी होते हैं।
इलेक्ट्रिक कार के 5 फायदे
आइए जानते हैं इलेक्ट्रिक कार के 5 फायदों के बारे में।
1. चार्जिंग कॉस्ट कम
पेट्रोल-डीज़ल के मुकाबले इलेक्ट्रिक कार इलेक्ट्रिसिटी से चलती है। ऐसे में इन्हें चार्ज करना पड़ता है और इनकी चार्जिंग कॉस्ट काफी कम होती है। ऐसे में पेट्रोल-डीज़ल पर लगने वाले खर्च की भी बचत होती है।
2. एयर पॉल्यूशन होता है कम
इलेक्ट्रिक कार को ड्राइव करने पर पेट्रोल-डीज़ल कार की तुलना में एयर पॉल्यूशन काफी कम होता है।
3. सरकार की तरफ से मिलती है सब्सिडी
भारतीय सरकार देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ाने के लिए जोर दे रही है। ऐसे में इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर केंद्र/राज्य सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जाती है।
4. मेंटेनेंस कॉस्ट कम
इलेक्ट्रिक कार में एफिशिएंट इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इनमें पेट्रोल-डीज़ल से चलने वाली कार की तरह ऑयल चेंज, स्पार्क प्लग चेंज और इस तरह की दूसरी समस्याएं नहीं रहती और मेंटेनेंस कॉस्ट भी कम रहती है।
5. बेहतर परफॉर्मेंस
इलेक्ट्रिक कार में एफिशिएंट इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इनकी परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है जिससे ड्राइवर के साथ पैसेंजर्स को भी सुविधा होती है।
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इलेक्ट्रिक कार के 5 नुकसान
आइए जानते हैं इलेक्ट्रिक कार के 5 नुकसान के बारे में।
1. होती है महंगी
इलेक्ट्रिक कार को खरीदना पेट्रोल-डीज़ल कार के मुकाबले ज़्यादा महंगा पड़ता है।
2. चार्जिंग स्टेशन्स की अवेलिबिलिटी
इलेक्ट्रिक कार की एक सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है इनके लिए चार्जिंग स्टेशन्स की अवेलिबिलिटी। इन गाड़ियों को चार्ज करने के लिए देश में अभी भी उतने चार्जिंग स्टेशन्स नहीं हैं जितने होने चाहिए।
3. चार्ज करने में लगता है टाइम
पेट्रोल-डीज़ल कार को रीफिल करने में ज़्यादा टाइम नहीं लगता। पर इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने में टाइम लगता है।
4. होती है एक लिमिट
इलेक्ट्रिक कार की एक तय ड्राइविंग रेंज होती है। ऐसे में इन्हें कितना ड्राइव किया जा सकता है इसकी एक लिमिट होती है।
5. बैट्री रिप्लेसमेंट होता है महंगा
इलेक्ट्रिक कार की बैट्री वैसे तो 8-10 साल आसानी से चल जाती है। पर इनकी कीमत काफी ज़्यादा होती है। ऐसे में इन्हें रिप्लेस करना महंगा पड़ता है।
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