इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बढ़ती लोकप्रियता और डिमांड किसी से छिपी नहीं है। कई फायदे होने के बावजूद इन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में भी दिक्कत हो सकती है, जिससे इनके यूज़र्स को भी परेशानी हो सकती है। इनमें सबसे बड़ी दिक्कत है इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैट्री में खराबी।
पिछले दो साल में दुनियाभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की लोप्रियता कर डिमांड तेज़ी से बढ़ी है। पेट्रोल-डीज़ल की दुनियाभर में बढ़ रही कीमतों के चलते इनके सब्स्टीट्यूट के तौर पर कई लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। इनकी चार्जिंग कॉस्ट पेट्रोल-डीज़ल की कीमत से काफी कम होती है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को फ्यूचर भी माना जाता है, पर कई फायदों के बावजूद इनमें भी दिक्कत हो सकती है। खासकर इनके बैट्री पैक में। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैट्री इनके सबसे अहम पार्ट्स में से होती है। ऐसे में इनमें खराबी आने से इनके यूज़र्स को काफी परेशानी होती है। पर बैट्री में खराबी ओवरनाइट नहीं होती। इससे पहले कुछ सिग्नल्स मिलते हैं।
भूलकर भी न करें इन सिग्नल्स को नज़रअंदाज़
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैट्री अचानक से खराब नहीं होती। इसकी बैट्री धीरे-धीरे खराब होती है। यूँ तो इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के बैट्री पैक पर वारंटी मिलती है। इलेक्ट्रिक कार की बैट्री पर 8 साल तक की तो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बैट्री पर 3 साल तक की वारंटी मिलती है। सही से इस्तेमाल करने पर इनकी बैट्री वारंटी पीरियड से भी लंबे समय तक सही चल सकती है। पर कुछ वजहों से यह इससे पहले भी खराब हो सकती है। ऐसी स्थिति में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से कुछ सिग्नल्स मिलते हैं, जिन्हें भूलकर भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। इससे परेशानी हो सकती है।
1. ड्राइविंग/राइडिंग रेंज का कम होना
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की एक सिंगल चार्जिंग में एक तय ड्राइविंग/राइडिंग रेंज होती है। सही इस्तेमाल पर यह रेंज बनी रहती है। पर कई बार इस रेंज में गिरावट आने लगती है। फुल चार्जिंग पर भी रेंज कम ही मिलती है। यह इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैट्री के ख़राब होने का सिग्नल है। इसे भूलकर भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
यह भी पढ़ें- Tata का ग्राहकों के लिए गिफ्ट, इन दो एसयूवी को खरीदना होगा 1.2 लाख रुपये तक सस्ता
2. बैट्री का जल्दी खत्म होना
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैट्री के खत्म होने की एक सीमा और अवधि होती है। इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैट्री का खत्म होना इस पर निर्भर करता है कि उसे कितना चलाया गया है। पर कई बार इसकी बैट्री जल्द खत्म हो जाती है और तय रेंज और अवधि भी पूरी नहीं कर पाती है। ऐसे में इसे ज़्यादा चार्ज करने की ज़रूरत पड़ती है। यह भी इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैट्री के ख़राब होने का सिग्नल है। इसे भूलकर भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
यह भी पढ़ें- Vayve EVA: भारत की पहली सोलर कार; धूप से होगी चार्ज और 80 पैसे में चलेगी 1 किलोमीटर