Lawrence of Punjab controversy: रिलीज से पहले ही वेब सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को लेकर विरोध और विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस के एक सांसद ने इस फिल्म पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद हंगामा मच गया है।
Lawrence of Punjab controversy: डायरेक्टर राघव डार की डॉक्यूमेंट्री सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' (Lawrence of Punjab) का ट्रेलर आते ही सियासी और कानूनी विवाद शुरू हो गया है। बता दें, लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने इस सीरीज की स्ट्रीमिंग रोकने की मांग करते हुए OTT प्लेटफॉर्म को कानूनी नोटिस भी भेज दिया है।
इस पर सांसद वारिंग का कहना है कि ये सीरीज कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के लाइफस्टाइल पर बेस्ड है, जिस पर अदालतों में कई गंभीर मामले विचाराधीन हैं और उनके मुताबिक किसी अपराधी की जीवनगाथा को नाटकीय अंदाज में पेश करना उसके अपराधों को महिमामंडित करने जैसा है। इससे समाज में अपराधियों को गलत शोहरत मिलेगी और युवाओं में अपराध के प्रति आकर्षण बढ़ भी सकता है।
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि पंजाब पहले से ही गैंगस्टर संस्कृति और युवाओं के अपराध की ओर झुकने की गंभीर समस्या से परेशान रहा है। ऐसे स्थिती में किसी असली गैंगस्टर को 'हीरो' की तरह दिखाना कानून-व्यवस्था के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बता दें, नोटिस में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और संविधान के अनुच्छेद 19 (2) का हवाला देते हुए कहा गया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता असीमित नहीं है और समाज में अशांति फैलाने वाले कंटेंट पर रोक लगाना जायज है।
दूसरी ओर डायरेक्टर राघव डार का कहना है कि ये सीरीज अपराध का महिमामंडन नहीं, बल्कि उसकी जड़ों की पड़ताल करना है और स्टूडेंट पॉलिटिक्स, सोशल मीडिया और सामाजिक माहौल, इन सबको जोड़कर ये दिखाने की कोशिश की गई है कि आखिर एक इंसान अपराध के रास्ते पर कैसे और क्यों चला जाता है।
बता दें, 2018 में सलमान खान को खुलेआम धमकी देने के बाद वो राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए। तब से उस पर हत्या, अपहरण और वसूली जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं और वो अक्सर जेल के भीतर से ही अपना नेटवर्क संचालित करता रहा है। बता दें, 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' का प्रीमियर 27 अप्रैल को ZEE5 पर होगा और ये सिर्फ हिंदी में ही देखने को मिलने वाला है।