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‘Batwara 1947’ पर बड़ा एक्शन, मद्रास HC ने पायरेटेड कॉपी वाली वेबसाइट्स ब्लॉक करने का दिया आदेश, फैंस बोले ये सब क्या है!

Batwara 1947 Madras High Court: सनी देओल और प्रीति जिंटा की 'बंटवारा 1947' को मद्रास हाई कोर्ट से एंटी-पायरेसी प्रोटेक्शन मिला है। कोर्ट ने पायरेटेड कॉपी वाली वेबसाइट्स ब्लॉक करने का आदेश दिया।
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Aug 16, 2026
Bantwara 1947 piracy
'बंटवारा 1947' पर मद्रास HC का बड़ा एक्शन (सोर्स: x-@rohitjswl01)

Batwara 1947 piracy protection: सनी देओल और प्रीति जिंटा की फिल्म 'बंटवारा 1947' रिलीज के साथ ही पायरेसी को लेकर चर्चा में आ गई है। फिल्म को मद्रास हाई कोर्ट से एंटी-पायरेसी प्रोटेक्शन मिला है। कोर्ट ने बिना अनुमति फिल्म की कॉपी ऑनलाइन या केबल के जरिए बांटने और दिखाने पर रोक लगाई है। साथ ही, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को ऐसी वेबसाइट्स और वेब पेज ब्लॉक करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर अलग-अलग तरह के रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं।

आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी ये फिल्म 14 अगस्त को थिएटरों में रिलीज हुई थी। रिलीज से पहले ही मेकर्स ने पायरेसी और बिना अनुमति ऑनलाइन और केबल डिस्ट्रीब्यूशन से फिल्म को बचाने के लिए मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया था। 14 अगस्त को कोर्ट ने इस मामले में अंतरिम रोक का आदेश दिया।

11 सितंबर तक लागू रहेगा आदेश

जस्टिस के. सुरेंदर ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को उन वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है, जहां फिल्म की पायरेटेड कॉपी उपलब्ध कराई जा रही हो। रिपोर्ट के मुताबिक, ये अंतरिम रोक 11 सितंबर तक लागू रहेगी।

बता दें, कोर्ट ने ये भी कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने वाली मौजूदा वेबसाइट्स, वेब पेज और भविष्य में सामने आने वाली वेबसाइट्स को भी ब्लॉक किया जाए। फिल्म की बिना अनुमति कॉपी करना, ट्रांसमिट करना, दिखाना, रिलीज करना, अपलोड और डाउनलोड करना भी आदेश के दायरे में रखा गया है।

कॉपीराइट उल्लंघन पर रोक

आदेश के मुताबिक, बिना लाइसेंस फिल्म को सीडी, डीवीडी, ब्लू-रे, वीसीडी, केबल टीवी, डायरेक्ट-टू-होम सर्विस, इंटरनेट, पेन ड्राइव, हार्ड ड्राइव, टेप और दूसरे माध्यमों से रिलीज या वितरित करना भी कॉपीराइट उल्लंघन के दायरे में आएगा, यानी फिल्म की गैरकानूनी कॉपी को किसी भी माध्यम से लोगों तक पहुंचाने पर कार्रवाई की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर क्या बोले यूजर्स?

कोर्ट के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म और एंटी-पायरेसी प्रोटेक्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने फिल्म की तारीफ करते हुए इसे 'हिम्मत, इंसानियत और उम्मीद की कहानी' बताया और सनी देओल की भूमिका का जिक्र किया। तो वहीं, एक दूसरे यूजर ने सवाल किया कि 'बंटवारा 1947' को एंटी-पायरेसी प्रोटेक्शन क्यों मिला, क्या है ये सब? अन्य यूजर ने फिल्म को लेकर नकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ऐसी फिल्में नहीं बनानी चाहिए। दरअसल, इस तरह कोर्ट के फैसले के साथ-साथ सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया भी देखने को मिल रही है।

फैंस कमेंट

राजकुमार संतोषी ने किया है निर्देशन

'बंटवारा 1947' साल 2026 की हिंदी पीरियड ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन और सह-लेखन राजकुमार संतोषी ने किया है। फिल्म को आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले आमिर खान ने प्रोड्यूस किया है।

फिल्म की कहानी 1947 में भारत के बंटवारे और पंजाब के विभाजन की पृष्ठभूमि में लाहौर में सेट है। इसमें सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे, कनिका कपूर और ईशा संधीर नजर आ रहे हैं। फिल्म असगर वजाहत के चर्चित नाटक 'जिस लाहौर नई वेख्या, ओ जम्या ए नई' पर आधारित है। तो वहीं, ये करीब आठ साल के अंतराल के बाद प्रीति जिंटा की फिल्मों में वापसी भी है।

फिल्म को मिली कैसी प्रतिक्रिया?

'बंटवारा 1947' को लेकर समीक्षकों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। फिल्म की कहानी और बंटवारे के चित्रण को लेकर सकारात्मक बातें कहीं। रिव्यू में फिल्म को धार्मिक पक्ष लेने के बजाय बंटवारे के दौरान दोनों तरफ हुए खून-खराबे को दिखाने वाली कहानी बताया गया। अब फिल्म को मिली कोर्ट की एंटी-पायरेसी सुरक्षा के बीच देखना होगा कि सिनेमाघरों में रिलीज के बाद 'बंटवारा 1947' को दर्शकों से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।

Updated on:
16 Aug 2026 05:46 pm
Published on:
16 Aug 2026 05:46 pm