Elnaaz Norouzi On Iran Democracy: मंदाना करीमी के बाद अब एक और बॉलीवुड एक्ट्रेस ने भारत में काम करने के अनुभव को शेयर किया है। क्या कुछ कहा है अभिनेत्री ने, चलिए जानते हैं।
Elnaaz Norouzi On Iran Democracy: ईरानी-जर्मन अभिनेत्री एलनाज नौरोजी एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। अपनी ग्लोबल पहचान और अलग-अलग संस्कृतियों में काम करने के अनुभव के आधार पर उन्होंने ईरान की पहचान, लोकतंत्र और मौजूदा राजनीतिक ढांचे पर खुलकर राय रखी है। उनके 'बॉम्बे टाइम्स' को दिए इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है, खासकर प्रवासी ईरानियों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच। एलनाज ने क्या कुछ कहा है, चलिए जानते हैं।
एलनाज ने ईरान के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि ये देश कभी एकरूप धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं था। उनके मुताबिक, जैसे भारत में अलग-अलग धर्म और संस्कृतियां साथ रहती हैं, वैसे ही ईरान भी कई परंपराओं और समुदायों का संगम रहा है। उन्होंने प्राचीन फारस का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में समाज ज्यादा खुला और बहुलतावादी था।
अभिनेत्री का मानना है कि ईरान की जड़ें फारसी सभ्यता में हैं, जो एशिया और यूरोप के सांस्कृतिक मेल का प्रतीक रही है। उन्होंने ये भी इशारा किया कि इस्लाम के आगमन से पहले वहां ज़ोरास्ट्रियन परंपरा प्रमुख थी। उनके अनुसार, ईरान को केवल एक धार्मिक राष्ट्र के रूप में देखना उसकी ऐतिहासिक विविधता को नजरअंदाज करना है।
मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर बोलते हुए एलनाज ने कहा कि देश की सत्ता संरचना जटिल और बहुस्तरीय है। उन्होंने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के नेतृत्व वाले तंत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत कई संस्थाएं और समूह सक्रिय हैं। उनके मुताबिक, यह ढांचा आम नागरिकों की उम्मीदों से अलग नजर आता है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
भारत में काम कर रहीं एलनाज का मानना है कि बहुसांस्कृतिक समाज किसी भी देश की ताकत होता है। उन्होंने भारत में अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग पहचान के लोग साथ रहकर भी एक साझा राष्ट्रीय भावना बना सकते हैं। यही मॉडल, उनके अनुसार, ईरान के अतीत में भी देखने को मिलता था।
गौरतलब है कि एलनाज वेब सीरीज 'तेहरान' में अपने किरदार के लिए भी जानी जाती हैं, जिसमें क्षेत्रीय राजनीति और जासूसी की पृष्ठभूमि दिखाई गई है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर ने उन्हें कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बोलने का मंच दिया है।