
Father Daughter Viral Video Controversy: सोशल मीडिया की दुनिया में हर दिन कोई न कोई वीडियो चर्चा का विषय बन जाता है। कई बार ये वीडियो मनोरंजन के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन कुछ कंटेंट ऐसे भी होते हैं जो लोगों के बीच तीखी बहस छेड़ देते हैं। इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो इंटरनेट पर वायरल है, जिसमें एक बेटी और उसके पिता की नजदीकियों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इसी विवाद के बीच एक चर्चित इन्फ्लुएंसर ने भी खुलकर अपनी राय रखी है, जिसके बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक बेटी और उसके पिता कंटेंट के नाम पर अभद्र और गंदा वीडियो बनाते हैं जिसमें पूरा परिवार शामिल होता है। पिता बेटी के होंठों पर किस करता है। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर आने के बाद लोग भर-भर के ट्रोलिंग तो कर ही रहे हैं लेकिन अब 'मनचली मिशा' के नाम से एक इन्फ्लुएंसर ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए बेहद तीखे शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की।
इन्फ्लुएंसर ने अपने वीडियो में कहा कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह का कंटेंट लोगों के बीच गलत संदेश पहुंचा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में कुछ क्रिएटर्स सीमाओं का ध्यान नहीं रख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार से जुड़े रिश्तों की गरिमा बनाए रखना बेहद जरूरी है और कंटेंट बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बॉयफ्रेंड और पिता में अंतर होता है।
वीडियो में इन्फ्लुएंसर ने परिवार के सदस्यों द्वारा दिए गए कुछ बयानों पर भी सवाल उठाए और कहा कि सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बाद भी अगर कोई अपने कंटेंट का बचाव करता है, तो लोगों के मन में और ज्यादा सवाल पैदा होते हैं। उन्होंने ये भी दावा किया कि यदि कंटेंट पूरी तरह सही है, तो फिर लोगों के कमेंट्स वीडियोज पर ऑन होने चाहिए।
हालांकि, जिस परिवार का वीडियो वायरल हुआ है, उसकी ओर से भी सोशल मीडिया पर सफाई दी गई। परिवार का कहना है कि उनके वीडियो को गलत नजरिए से देखा जा रहा है और लोगों ने बिना पूरी बात जाने विवाद खड़ा कर दिया। उनका दावा है कि वे सिर्फ अपने परिवार के साथ सामान्य पल साझा कर रहे थे, जिसे अलग अर्थ दे दिया गया।
फिलहाल ये विवाद सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ लोग डिजिटल कंटेंट की जिम्मेदारी और नैतिक सीमाओं पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी बहस जारी है।