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‘प्रदर्शन से आखिर क्या मिलेगा?’ संसद के बाहर विरोध पर बोलीं हेमा मालिनी, सरकार के रुख पर भी दिया बड़ा बयान

Hema Malini On CJP Protest: अभिनेत्री और सासंद हेमा मालिनी ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। हेमा मालिनी ने क्या कुछ कहा है, चलिए जानते हैं।
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Jul 20, 2026
Hema Malini On CJP Protest
हेमा मालिनी ने विरोध प्रदर्शन पर क्या कहा? (फोटो सोर्स- ANI)

Hema Malini On CJP Protest: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी का बयान चर्चा का विषय बन गया है। संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदर्शन की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद के जरिए निकाला जाना चाहिए, न कि व्यवधान और टकराव के जरिए।

दिल्ली में आयोजित विरोध मार्च और संसद सत्र के पहले दिन हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए हेमा मालिनी ने कहा कि अगर लोगों को किसी विषय पर अपनी बात रखनी है तो उसके लिए उचित मंच मौजूद हैं। उनके मुताबिक, संसद देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था है और वहीं पर सभी पक्ष अपनी बात रख सकते हैं।

'प्रदर्शन से आखिर हासिल क्या होगा?'

मीडिया से बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने कहा कि किसी को परेशान करके या विवाद में घसीटकर आखिर क्या हासिल होगा। उनका मानना है कि समाज और देश के लिए सकारात्मक काम करने पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। हालांकि उन्होंने इस पूरे मामले पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि सरकार समय आने पर उचित निर्णय लेगी।

उन्होंने साफ किया कि इस मुद्दे पर सरकार अपना पक्ष और आवश्यक कदम उठाने में सक्षम है, इसलिए वह इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहतीं।

राम मंदिर चोरी मामले पर भी दिया बयान

बातचीत के दौरान हेमा मालिनी से अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चोरी के मामले पर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि जिसने भी गलत किया है, उसे कानून के अनुसार सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार इस मामले में न्याय सुनिश्चित करेगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।

क्या है पूरा मामला?

मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद तक विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित नीट परीक्षा अनियमितताओं को लेकर अपनी मांगें उठाईं। इसी दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह झड़पें भी देखने को मिलीं। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई और संसद क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।

इसी घटनाक्रम के बीच हेमा मालिनी का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने विरोध के बजाय बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।

Updated on:
20 Jul 2026 05:36 pm
Published on:
20 Jul 2026 05:33 pm