Tamasha Ved Real Life Inspiration: फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने खुलासा किया है कि उनकी फिल्म तमाशा के किरदार ‘वेद’ का नाम और उसकी कहानी उनके स्कूल के एक दोस्त से प्रेरित थी। उस दोस्त ने संगीत का सपना छोड़कर डॉक्टर बनने का रास्ता चुना। यही अधूरा सपना फिल्म के किरदार में झलकता है।
Tamasha Ved Real Life Inspiration: फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने खुलासा किया है कि उनकी फिल्म तमाशा के किरदार ‘वेद’ का नाम और उसकी कहानी उनके स्कूल के एक दोस्त से प्रेरित थी। उस दोस्त ने संगीत का सपना छोड़कर डॉक्टर बनने का रास्ता चुना। यही अधूरा सपना फिल्म के किरदार में झलकता है।
फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने हाल ही में बताया कि उनकी फिल्म तमाशा के मुख्य किरदार वेद का नाम यूं ही नहीं रखा गया था। दरअसल ये नाम उनके स्कूल के एक दोस्त से प्रेरित था, जिसका नाम वेद वर्धन त्रिपाठी था। इम्तियाज ने कहा कि उन्होंने ये बात पहले बहुत कम लोगों को बताई है।
इम्तियाज के मुताबिक बचपन में वो काफी शर्मीले थे और दोस्त बनाना उनके लिए मुश्किल था। ऐसे समय में उनकी मुलाकात इस दोस्त से हुई, जिसके साथ उन्हें सेफ और अपनापन महसूस होता था। यही भावनात्मक जुड़ाव बाद में उनके दिमाग में कहीं न कहीं रह गया और सालों बाद तमाशा लिखते वक्त वेद का किरदार उसी याद से जुड़ गया।
इम्तियाज अली ने बताया कि उनके उस दोस्त को गिटार बजाने का बहुत शौक था और वह संगीत में कुछ करना चाहता था। लेकिन जिंदगी की जिम्मेदारियों के चलते उसने डॉक्टर बनने का रास्ता चुन लिया और संगीत को आगे नहीं बढ़ा पाया।
इम्तियाज कहते हैं कि यह अधूरा सपना उन्हें हमेशा याद रहा। बाद में जब उन्होंने तमाशा की कहानी लिखी, तो वेद का किरदार भी उसी तरह का बना जो अपनी असली पहचान और जुनून को दबाकर एक सामान्य जिंदगी जी रहा होता है। यही संघर्ष फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा बन गया।
इम्तियाज ने यह भी बताया कि समय के साथ उनका उस दोस्त से संपर्क टूट गया था क्योंकि उस दौर में मोबाइल फोन नहीं थे। कई साल बाद उन्हें उसके बारे में अलग-अलग लोगों से खबरें मिलती रहीं।
बाद में पता चला कि वो डॉक्टर बन गया है, लेकिन जिंदगी में कई संघर्षों से गुजर रहा है। इम्तियाज ने बताया कि वो कभी-कभी उनसे फोन पर बात करता था और पुरानी यादों को याद करता था। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें यह खबर मिली कि उनका दोस्त अब इस दुनिया में नहीं रहा। यह घटना इम्तियाज के लिए काफी भावुक थी और शायद इसी दर्द ने तमाशा के वेद के किरदार को और गहराई दी।