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‘हे भगवान, मैंने क्या कर दिया!’ जब सोनम कपूर को बंदूक लगने पर घबरा गए थे जिम सर्भ

Jim Sarbh Sonam Kapoor Neerja: एक इंटरव्यू में, एक्टर जिम सर्भ ने फिल्म सेट पर मौजूद 'हायरार्की सिस्टम' पर अपनी राय रखी और कहा, "इससे ऐसी स्थिति बनती है जहां औसत दर्जे का काम भी पनप सकता है।"
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Oct 01, 2026
Jim Sarbh Sonam Kapoor Neerja
जिम सर्भ और सोनम कपूर। (instagram- @jimsarbhforreal and @sonamkapoor)

Jim Sarbh Sonam Kapoor Neerja: एक्टर जिम सर्भ ने बड़े पर्दे और OTT, दोनों ही जगहों पर कई दमदार किरदार निभाए हैं। फिल्म इंडस्ट्री में एक दशक पूरा करने के साथ ही, जिम ने फिल्म सेट पर मौजूद हायरार्की सिस्टम पर निराशा जताई है। 'हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया' के साथ बातचीत में, जिम सर्भ ने अपनी पहली फिल्म 'नीरजा' को याद किया और बताया कि कैसे गलती से सोनम कपूर को बंदूक लग गई थी।

‘गलती से सोनम कपूर को बंदूक लग गई’

राम माधवानी के निर्देशन में बनी 'नीरजा' 2016 में रिलीज हुई थी। इस बायोपिक में एक्ट्रेस सोनम कपूर ने नीरजा भनोट का मुख्य किरदार निभाया था। फिल्म में जिम सर्भ उन आतंकवादियों में से एक थे जिन्होंने प्लेन हाईजैक किया था। फिल्म की शूटिंग के पहले दिन को याद करते हुए जिम सर्भ ने बताया कि गलती से सोनम कपूर को बंदूक लग गई थी। "शूटिंग के पहले दिन एक हादसा हो गया। गलती से बंदूक सोनम कपूर के मुंह पर लग गई। मैंने खुद से कहा, 'हे भगवान, मैंने क्या कर दिया?' मैं उस घबराहट और बेचैनी को कभी नहीं भूल सकता। हालांकि, सोनम ने इसे बहुत अच्छे से लिया और बाकी लोग भी मेरे काम का मजा ले रहे थे; अच्छी बात है कि मुझे मेरी पहली फिल्म से निकाला नहीं गया, वरना आज हम यहां नहीं होते।"

जिम फिल्म बनाने की प्रक्रिया और फिल्म सेट पर होने वाली हायरार्की के बारे में भी खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं। उन्होंने कहा, "उस समय, मैं फिल्म की हायरार्की को समझ रहा था, थिएटर की दुनिया से आने के कारण यह सब मेरे लिए बहुत नया और अलग था। मुझे नहीं लगता कि मैं अभी भी इसके साथ पूरी तरह ढल पाया हूं। उस समय तक मेरे सभी अनुभव यही थे कि हम सब मिलकर एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मुझे यह समझ नहीं आया। ऐसा नहीं था कि वह प्रोजेक्ट ही वैसा था।"

‘हायरार्की के ढांचे में, कभी-कभी लोगों को कम आंका जाता है’

उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री की हायरार्की पर बात करते हुए कहा, “फिल्म इंडस्ट्री में हायरार्की बहुत साफ नजर आती है। उनका मानना है कि इसे जितना कम किया जाए, फिल्म बनाने की प्रक्रिया उतनी बेहतर हो सकती है। जब किसी व्यक्ति को उसके काम और प्रोजेक्ट में योगदान के आधार पर महत्व दिया जाता है, तो टीम के सभी लोगों के बीच सम्मान बढ़ता है और हर कोई अपना काम बेहतर तरीके से करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि हायरार्की की वजह से कई बार कुछ लोगों को कम आंका जाता है, जिससे औसत काम को भी बढ़ावा मिल सकता है। जिम ने अपने हालिया शो ‘टाइटन’ की तारीफ करते हुए कहा कि वहां ऐसी हायरार्की नहीं थी और इसी वजह से काम करने का अनुभव बेहतर रहा।

मैं समझ नहीं पाता था कि लोग ऐसे कैसे हो सकते हैं

जुलाई 2026 में, 'द स्ट्रीमिंग शो' पॉडकास्ट पर बात करते हुए, जिम ने बताया था कि फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआती दिनों में उनके साथ कैसा बुरा बर्ताव किया गया था। जिम ने कहा, “मैं युवा था, काफी गुस्सैल स्वभाव का था। मुझे गुस्सा आता था। मैं समझ नहीं पाता था कि लोग ऐसे कैसे हो सकते हैं। मैं बस इसे समझ नहीं पा रहा था। मैं अमेरिका में काम करके आया था, और ऐसे थिएटर माहौल से आया था जहां हम सब बराबर थे, मैं बस यकीन ही नहीं कर पा रहा था। इससे मुझे बहुत गुस्सा आता था। गुस्सा, परेशानी, दुख और निराशा, मैं बस और झूठ बोलने लगा। किसी को आपकी सच्चाई की परवाह नहीं होती।”

जिम सर्भ का OTT सफर

जिम सर्भ ने 2016 में 'नीरजा' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा, इसके बाद उन्होंने 'डेथ इन द गुंज', 'पद्मावत', 'गंगूबाई काठियावाड़ी', 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे', 'संजू' और कई अन्य फिल्मों में काम किया। OTT स्पेस में, जिम 'मेड इन हेवन', 'रॉकेट बॉयज', 'फोर मोर शॉट्स', 'मेड इन इंडिया: द टाइटन स्टोरी' जैसे शो में नजर आ चुके हैं।

Updated on:
01 Oct 2026 06:20 pm
Published on:
01 Oct 2026 06:20 pm